विक्षेप चित्र विधि (Scatter Diagram Method)
1. विक्षेप चित्र क्या है? (What is it?)
यह सहसंबंध (Correlation) को पहचानने की सबसे **सरल और दृश्य (Visual)** विधि है। इसमें X और Y चरों के मूल्यों को ग्राफ पेपर पर बिंदुओं के रूप में दर्शाया जाता है। इन बिंदुओं के बिखराव (Scatter) को देखकर हम चरों के बीच के संबंध की दिशा और सघनता का अंदाजा लगाते हैं।
2. सहसंबंध के मुख्य प्रकार (Visual Patterns)
📈 धनात्मक (Positive)
जब बिंदु नीचे से ऊपर (बाएं से दाएं) एक चढ़ती हुई दिशा में हों।
उदाहरण: ऊँचाई और वजन
📉 ऋणात्मक (Negative)
जब बिंदु ऊपर से नीचे (बाएं से दाएं) गिरती हुई दिशा में हों।
उदाहरण: कीमत और मांग
🚫 शून्य (Zero)
जब बिंदु पूरे ग्राफ पर बिना किसी निश्चित पैटर्न के बिखरे हों।
उदाहरण: जूते का नंबर और IQ
💡 प्रो टिप: यदि सभी बिंदु एक **सीधी रेखा** पर हों, तो इसे **’पूर्ण सहसंबंध’ (Perfect Correlation)** कहा जाता है।
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विक्षेप चित्र विधि (Scatter Diagram Method)
📈 धनात्मक (Positive)
जब एक चर बढ़ता है, तो दूसरा भी बढ़ता है। रेखा नीचे से ऊपर (बाएं से दाएं) जाती है।
📉 ऋणात्मक (Negative)
जब एक चर बढ़ता है, तो दूसरा घटता है। रेखा ऊपर से नीचे की ओर आती है।
महत्वपूर्ण बिंदु:
- यह विधि केवल **संबंध की दिशा** बताती है, सटीक मात्रा नहीं।
- इसे बनाना और समझना बहुत आसान है।
- यह **आउटलायर्स (Outliers)** को पहचानने में मदद करती है।
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कार्ल पियर्सन सहसंबंध गुणांक (r)
परिभाषा और महत्व
यह विधि दो चरों के बीच **रैखिक संबंध (Linear Relationship)** की डिग्री को मापने का सबसे वैज्ञानिक तरीका है। इसे ‘Product Moment Method’ भी कहते हैं।
r के मानों का अर्थ:
| मान (Value) | व्याख्या (Interpretation) |
|---|---|
| +1.00 | पूर्ण धनात्मक (Perfect Positive) |
| +0.70 से +0.99 | उच्च धनात्मक (High Positive) |
| 0.00 | सहसंबंध का अभाव (No Correlation) |
| -1.00 | पूर्ण ऋणात्मक (Perfect Negative) |
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1. मुख्य विशेषताएं (Key Properties)
- सीमा (Range): ‘r’ का मान हमेशा -1 और +1 के बीच रहता है। (-1 ≤ r ≤ +1)
- इकाई रहित (Unit-free): यह एक शुद्ध संख्या है। यदि X किलोग्राम में और Y सेंटीमीटर में हो, तो भी ‘r’ की कोई इकाई नहीं होगी।
- परिवर्तन का प्रभाव: यह मूल (Origin) और पैमाने (Scale) के परिवर्तन से स्वतंत्र होता है।
- रैखिक संबंध: यह केवल दो चरों के बीच सीधी रेखा (Linear) वाले संबंध को मापता है।
2. गणना के सूत्र (Formulas)
A. प्रत्यक्ष विधि (Direct Method):
जहाँ \(x = (X – \bar{X})\) और \(y = (Y – \bar{Y})\) हैं।
B. मूल डेटा विधि (Raw Data Method):
यह सूत्र तब सबसे उपयोगी है जब Mean दशमलव (Decimals) में आ रहा हो।
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अभ्यास प्रश्न (Solved Numericals)
प्रश्न 01 (Direct Calculation):
यदि \(\sum xy = 120\), \(\sum x^2 = 90\) और \(\sum y^2 = 160\) है, तो सहसंबंध गुणांक (r) का मान ज्ञात कीजिए।
\(r = \frac{120}{\sqrt{90 \cdot 160}} = \frac{120}{\sqrt{14400}} = \frac{120}{120}\)
उत्तर: \(r = +1\) (पूर्ण धनात्मक सहसंबंध)
प्रश्न 02 (Interpretation):
दो चरों के बीच सहसंबंध गुणांक \(r = -0.85\) है। इस संबंध की प्रकृति की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: उच्च स्तरीय ऋणात्मक सहसंबंध (High Degree Negative Correlation)
प्रश्न 03 (Mean Based):
यदि \(\bar{X} = 10\), \(\bar{Y} = 20\), \(\sum XY = 3000\), और \(N = 10\) है, तो \(\text{Cov}(X,Y)\) ज्ञात करें।
\(\text{Cov}(X,Y) = \frac{3000}{10} – (10 \cdot 20) = 300 – 200\)
उत्तर: 100
प्रश्न 04 (Conceptual):
यदि \(X\) और \(Y\) के बीच कोई संबंध नहीं है, तो पियर्सन के \(r\) का मान क्या होगा?
उत्तर: \(r = 0\)
प्रश्न 05 (Property Based):
यदि प्रत्येक \(X\) मान में 5 जोड़ा जाए और \(Y\) के मान को 2 से गुणा किया जाए, तो पुराने \(r = 0.6\) पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: \(r = 0.6\) (अपरिवर्तित रहेगा)
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