इवान पावलोव, बी.एफ. स्किनर एवं एडवर्ड थॉर्नडाइक के सिद्धांत (Pavlov, Skinner & Thorndike)
शिक्षा मनोविज्ञान में व्यवहारवाद (Behaviorism) की नींव रखने और सीखने की प्रक्रियाओं को वैज्ञानिक रूप से समझाने में इवान पावलोव, बी.एफ. स्किनर और एडवर्ड थॉर्नडाइक का योगदान अतुलनीय है। इन तीनों मनोवैज्ञानिकों ने पशुओं पर प्रयोग करके अधिगम के ऐसे नियम और सिद्धांत दिए जो आज भी कक्षा शिक्षण का मुख्य आधार हैं।
1. इवान पावलोव (Ivan Pavlov): शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत (Classical Conditioning)
- प्रयोग: पावलोव ने भूखे कुत्ते पर प्रयोग किया और घंटी की आवाज (तटस्थ उद्दीपक) को भोजन (स्वाभाविक उद्दीपक) के साथ जोड़ा।
- अनुबंध: बार-बार घंटी बजाने के बाद भोजन देने से कुत्ता केवल घंटी की आवाज सुनते ही लार टपकाने (अनुबंधित अनुक्रिया) लगा।
- मुख्य बिंदु: UCS (भोजन), UCR (लार), CS (घंटी), CR (घंटी पर लार)। यह सिद्धांत बच्चों में अच्छी आदतों का निर्माण करने और भय दूर करने में उपयोगी है।
2. बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner): क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत (Operant Conditioning)
- प्रयोग: स्किनर ने चूहे (और कबूतर) पर प्रयोग करने के लिए ‘स्किनर बॉक्स’ बनाया। चूहा लीवर दबाने पर भोजन प्राप्त करता था।
- R-S मॉडल (Response-Stimulus): इसमें अनुक्रिया (Response) पहले होती है और उद्दीपक/पुनर्बलन बाद में मिलता है।
- पुनर्बलन (Reinforcement): सकारात्मक पुनर्बलन (पुरस्कार/प्रशंसा) से अनुक्रिया दोहराने की संभावना बढ़ती है, जबकि नकारात्मक पुनर्बलन प्रतिकूल स्थिति को हटाने से संबंधित है।
3. एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike): प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत (Trial and Error)
थॉर्नडाइक ने भूखी बिल्ली पर प्रयोग किया (S-R मॉडल)। थॉर्नडाइक ने सीखने के 3 मुख्य नियम (Primary Laws) दिए:
- तत्परता का नियम (Law of Readiness): बच्चा तभी सीखता है जब वह मानसिक रूप से तैयार हो।
- अभ्यास का नियम (Law of Exercise): “Practice makes a man perfect” — बार-बार अभ्यास से संबंध मजबूत होता है।
- प्रभाव का नियम (Law of Effect): यदि परिणाम सुखद या संतोषजनक हो, तो अधिगम स्थायी होता है (इसे पुरस्कार/संतुष्टि का नियम भी कहते हैं)।
4. तुलनात्मक सारांश (Comparative Summary Table)
| मनोवैज्ञानिक | सिद्धांत का नाम | प्रयोग किस पर हुआ? | मुख्य बल/मॉडल |
|---|---|---|---|
| इवान पावलोव | शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) | कुत्ता | S-R मॉडल (उद्दीपक-अनुक्रिया सहचर्य) |
| बी.एफ. स्किनर | क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) | चूहा एवं कबूतर | R-S मॉडल (अनुक्रिया एवं पुनर्बलन) |
| एडवर्ड थॉर्नडाइक | प्रयास एवं त्रुटि (Trial and Error) | बिल्ली | 3 मुख्य नियम (तत्परता, अभ्यास, प्रभाव) |
5. महत्वपूर्ण अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
Q1. इवान पावलोव ने अपने अनुबंधन प्रयोग में किस जानवर का प्रयोग किया था?
उत्तर: कुत्ता (Dog)
Q2. ‘पुनर्बलन’ (Reinforcement) की अवधारणा किस मनोवैज्ञानिक के सिद्धांत का मुख्य आधार है?
उत्तर: बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner)
Q3. थॉर्नडाइक के सीखने के मुख्य नियमों में कौन-सा नियम शामिल नहीं है?
उत्तर: मुख्य 3 नियम हैं— तत्परता, अभ्यास और प्रभाव का नियम। (इनके अलावा कोई चौथा नियम गौण नियम होगा)।
Q4. “अभ्यास से ही सिद्धि मिलती है” (Practice makes perfect), यह थॉर्नडाइक के किस नियम पर आधारित है?
उत्तर: अभ्यास का नियम (Law of Exercise)
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पावलोव स्किनर और थॉर्नडाइक का सिद्धांत
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