लेव वाइगोत्सकी का सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Lev Vygotsky’s Socio-Cultural Theory)
रूसी मनोवैज्ञानिक लेव वाइगोत्सकी (Lev Vygotsky) ने बालक के संज्ञानात्मक विकास में समाज, संस्कृति और भाषा की भूमिका को सर्वोपरि माना। उनका स्पष्ट मानना था कि बालक का विकास अलग-थलग (Isolation) में नहीं हो सकता; बालक अपने समाज और संस्कृति के साथ ‘सामाजिक अंतःक्रिया’ (Social Interaction) करके ही सीखता है। जहाँ पियाजे विकास को अवस्थाओं में बाँटते हैं, वहीं वाइगोत्सकी इसे एक सतत सामाजिक प्रक्रिया मानते हैं।
1. वाइगोत्सकी के सिद्धांत के 3 मुख्य स्तंभ (3 Key Components)
- 1. समाज (Society): बालक समाज के वयस्क व्यक्तियों, सहपाठियों और शिक्षकों से विचार-विमर्श करके ज्ञान का निर्माण करता है।
- 2. संस्कृति (Culture): संस्कृति बच्चे को सोचने, समझने और व्यवहार करने के तरीके और साधन (Tools) प्रदान करती है।
- 3. भाषा (Language): वाइगोत्सकी के अनुसार भाषा केवल विचारों को व्यक्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह चिंतन का सबसे मुख्य उपकरण (Primary Tool for Thought) है।
2. सिद्धांत की 3 मुख्य अवधारणाएं (ZPD, Scaffolding & MKO)
परीक्षाओं की दृष्टि से वाइगोत्सकी के सिद्धांत की निम्नलिखित तीन अवधारणाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं:
- 1. ZPD (Zone of Proximal Development – समीपस्थ विकास का क्षेत्र):
बालक स्वयं बिना किसी मदद के जितना कर सकता है (वास्तविक विकास का स्तर) और किसी कुशल व्यक्ति की मदद से जितना कर सकता है (संभावित विकास का स्तर)—इन दोनों के बीच के अंतर या अंतर-क्षेत्र को **ZPD** कहते हैं। - 2. Scaffolding (पाड़ / ढांचा / मचान):
बालक को समस्या समाधान के दौरान दी जाने वाली **अस्थाई मदद (Temporary Support)** को Scaffolding कहते हैं। इसमें संकेत देना (Hints), सुराग देना या शुरुआत में थोड़ी मदद करना शामिल है। जैसे ही बच्चा सीख जाता है, यह मदद हटा ली जाती है। - 3. MKO (More Knowledgeable Other – अधिक ज्ञानी अन्य):
वह व्यक्ति जिसके पास उस विशिष्ट क्षेत्र में बालक से अधिक ज्ञान या कौशल है। MKO कोई शिक्षक, माता-पिता, बड़ा भाई-बहन या यहाँ तक कि सहपाठी (Peer) भी हो सकता है।
3. भाषा एवं चिंतन के प्रकार (Language & Speech Types)
वाइगोत्सकी के अनुसार बालक में भाषा का विकास 3 चरणों में होता है:
- 1. सामाजिक वाक् (Social Speech – लगभग 2 वर्ष): दूसरों से संवाद करने के लिए बोली जाने वाली बाहरी भाषा।
- 2. निज वाक् / व्यक्तिगत वाक् (Private Speech – लगभग 3 से 7 वर्ष): बच्चा खुद से बोल-बोलकर बातें करता है और अपने कार्यों को दिशा (Self-regulation) देता है। (पियाजे ने इसे अहंकेंद्रित वाक् कहा था)।
- 3. आंतरिक वाक् (Inner Speech – 7 वर्ष के बाद): बिना आवाज किए मन ही मन में चिंतन और बातें करना।
4. महत्वपूर्ण अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
Q1. लेव वाइगोत्सकी के अनुसार बालकों के संज्ञानात्मक विकास में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका किसकी होती है?
उत्तर: सामाजिक-सांस्कृतिक अंतःक्रिया (Social Interaction)
Q2. किसी कठिन प्रश्न को हल करते समय शिक्षक द्वारा छात्र को दिए जाने वाले संकेत या आधी मदद को क्या कहते हैं?
उत्तर: Scaffolding (पाड़ / ढांचा / अस्थाई मदद)
Q3. स्वयं बिना मदद के किए जाने वाले कार्य और मदद के साथ किए जाने वाले कार्य के बीच का अंतर क्या कहलाता है?
उत्तर: ZPD (समीपस्थ विकास का क्षेत्र)
Q4. जब एक छोटी बच्ची खिलौनों से खेलते हुए खुद से जोर-जोर से बातें करती है और अपने काम को निर्देशित करती है, तो वाइगोत्सकी के अनुसार इसे क्या कहा जाएगा?
उत्तर: व्यक्तिगत वाक् / निज वाक् (Private Speech)
Q5. सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning) और सहपाठी शिक्षण किस सिद्धांत पर आधारित हैं?
उत्तर: वाइगोत्सकी का सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत
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लेव वाइगोत्सकी का सामाजिक सांस्कृतिक सिद्धांत
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