शिक्षक का दृष्टिकोण: शिक्षण एक पेशा, सकारात्मक अभिवृत्ति एवं व्यावसायिक विकास
एक प्रभावी शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का केंद्र बिंदु शिक्षक का दृष्टिकोण (Teacher’s Attitude) होता है। शिक्षण केवल आजीविका कमाने का साधन नहीं, बल्कि एक उच्च व्यावसायिक पेशा (Profession) है। एक सफल शिक्षक बनने के लिए विषय ज्ञान के साथ-साथ छात्रों व समाज के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और निरंतर **व्यावसायिक विकास (Professional Development)** की आवश्यकता होती है।
1. शिक्षण एक पेशा के रूप में (Teaching as a Profession)
किसी कार्य को ‘पेशा’ (Profession) तब माना जाता है जब उसमें विशिष्ट ज्ञान, औपचारिक प्रशिक्षण और नैतिक मूल्यों का समावेश हो।
📌 एक पेशा के रूप में शिक्षण की विशेषताएं:
- विशिष्ट ज्ञान एवं कौशल: शिक्षण शास्त्र, बाल मनोविज्ञान और विषय-वस्तु की गहन समझ।
- व्यावसायिक आचार संहिता (Code of Ethics): छात्रों के प्रति निष्पक्षता, सत्यनिष्ठा और समाज के प्रति जवाबदेही।
- सेवा की भावना: केवल आर्थिक लाभ के स्थान पर समाज व राष्ट्र-निर्माण का भाव।
2. शिक्षक का सकारात्मक दृष्टिकोण (Positive Attitude of a Teacher)
शिक्षक की अभिवृत्ति कक्षा के सीखने के वातावरण और बच्चों के आत्मविश्वास को सीधे प्रभावित करती है।
सकारात्मक दृष्टिकोण के मुख्य घटक:
- प्रत्येक बालक की क्षमता में विश्वास: यह मानना कि सही अवसर मिलने पर प्रत्येक बच्चा सीख सकता है।
- सहानुभूति व धैर्य: धीमी गति से सीखने वाले बालकों के प्रति संवेदनशीलता और धैर्य बनाए रखना।
- समीक्षात्मक स्व-मूल्यांकन: अपनी शिक्षण विधियों की कमियों को पहचानकर उनमें सुधार करना।
3. व्यावसायिक विकास (Pre-service & In-service Training)
शिक्षा का क्षेत्र निरंतर परिवर्तनशील है, इसलिए शिक्षक का व्यावसायिक विकास दो प्रमुख चरणों में होता है:
व्यावसायिक प्रशिक्षण के दो रूप:
- सेवा-पूर्व प्रशिक्षण (Pre-service Training): शिक्षक बनने से पहले प्राप्त किया जाने वाला औपचारिक प्रशिक्षण (जैसे: B.Ed., D.El.Ed.)। यह बुनियादी शिक्षण कौशल और सिद्धांतों की समझ विकसित करता है।
- सेवाकालीन प्रशिक्षण (In-service Training): शिक्षक की सेवा के दौरान समय-समय पर आयोजित वर्कशॉप, ओरिएंटेशन प्रोग्राम और रिफ्रेशर कोर्स। इसका उद्देश्य नई शिक्षण तकनीकों, ICT और NCF/NEP के नए बदलावों से शिक्षक को अद्यतन (Update) रखना है।
4. महत्वपूर्ण अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
Q1. ‘सेवाकालीन प्रशिक्षण’ (In-service Training) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: कार्यरत शिक्षकों को नवीनतम शिक्षण तकनीकों, पाठ्यचर्या बदलावों और कौशलों से अपडेट रखना।
Q2. शिक्षण को एक ‘पेशा’ (Profession) क्यों माना जाता है?
उत्तर: क्योंकि इसके लिए विशिष्ट ज्ञान, औपचारिक प्रशिक्षण तथा नैतिक आचार संहिता की आवश्यकता होती है।
Q3. B.Ed. या D.El.Ed. पाठ्यक्रम किस प्रकार के शिक्षण प्रशिक्षण के अंतर्गत आते हैं?
उत्तर: सेवा-पूर्व प्रशिक्षण (Pre-service Training)
Q4. एक शिक्षक का अपनी शिक्षण पद्धतियों का स्वयं मूल्यांकन करना क्या कहलाता है?
उत्तर: स्व-चिंतनशील अभ्यास (Reflective Teaching Practice)
Q5. सकारात्मक अभिवृत्ति वाले शिक्षक का मुख्य लक्षण क्या होता है?
उत्तर: प्रत्येक बालक की सीखने की क्षमता में विश्वास रखना और विविधता का सम्मान करना।
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शिक्षक का दृष्टिकोण और व्यावसायिक विकास
📌 आधिकारिक संदर्भ एवं अध्ययन सामग्री (NCERT):