अल्बर्ट बंडूरा का सामाजिक अधिगम सिद्धांत (Albert Bandura’s Social Learning Theory)
कनाडाई-अमरीकी मनोवैज्ञानिक अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) ने यह प्रतिपादित किया कि बालक केवल पुरस्कार या सजा से ही नहीं सीखता, बल्कि वह दूसरों के व्यवहार को देखकर, उनका अनुकरण करके और उनका प्रेक्षण करके भी सीखता है। बंडूरा के इस सिद्धांत को ‘सामाजिक अधिगम सिद्धांत’ (Social Learning Theory), ‘प्रेक्षणात्मक अधिगम’ (Observational Learning), या ‘मॉडलिंग सिद्धांत’ (Modeling Theory) भी कहा जाता है।
1. बोबो डॉल प्रयोग (Bobo Doll Experiment)
बंडूरा ने बच्चों के 3 अलग-अलग समूहों को एक फिल्म दिखाई जिसमें एक व्यस्क व्यक्ति **’बोबो डॉल’ (एक फुलाया हुआ जोकर/गुड्डा)** के साथ आक्रामक व्यवहार कर रहा था:
- समूह A: फिल्म में मॉडल को आक्रामक व्यवहार के लिए पुरस्कृत किया गया।
- समूह B: फिल्म में मॉडल को आक्रामक व्यवहार के लिए दंडित किया गया।
- समूह C: मॉडल को न तो पुरस्कार मिला और न ही दंड (तटस्थ)।
निष्कर्ष: जिन बच्चों ने मॉडल को आक्रामक व्यवहार करते देखा (विशेषकर समूह A), उन्होंने बोबो डॉल के साथ वैसा ही आक्रामक अनुकरण किया। इससे सिद्ध हुआ कि बच्चे दूसरों को देखकर व्यवहार सीखते हैं।
2. अनुकरण/मॉडलिंग प्रक्रिया के 4 चरण (4 Steps of Observational Learning)
बंडूरा के अनुसार प्रेक्षणात्मक अधिगम के 4 क्रमिक चरण होते हैं (ARRM):
- 1. अवधान / ध्यान देना (Attention): सबसे पहले बालक को आदर्श/मॉडल के व्यवहार पर अपना ध्यान केंद्रित करना होता है।
- 2. धारणा / धारण करना (Retention): देखे गए व्यवहार को अपने दिमाग या स्मृति में संचित व याद रखना।
- 3. पुनः प्रस्तुतीकरण / पुनरुत्पादन (Reproduction): संचित किए गए ज्ञान या व्यवहार को शारीरिक रूप से दोहराना या निष्पादित करना।
- 4. अभिप्रेरणा / पुनर्बलन (Motivation/Reinforcement): यदि दोहराए गए व्यवहार का परिणाम सकारात्मक मिले, तो बालक उसे स्थायी रूप से अपना लेता है।
3. बंडूरा के सिद्धांत का शैक्षणिक महत्व
- शिक्षक एक रोल मॉडल के रूप में: शिक्षकों को कक्षा में आदर्श और सकारात्मक व्यवहार प्रस्तुत करना चाहिए क्योंकि बच्चे उनका अनुकरण करते हैं।
- मीडिया व टीवी का प्रभाव: हिंसक फिल्में व गेम्स बच्चों में आक्रामकता को बढ़ावा देते हैं, जिसे नियंत्रित करना आवश्यक है।
- प्रतिस्थानिक पुनर्बलन (Vicarious Reinforcement): जब बच्चा किसी दूसरे बच्चे को पुरस्कार पाते देखता है, तो वह भी वैसा ही अच्छा व्यवहार करने के लिए प्रेरित होता है।
4. महत्वपूर्ण अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
Q1. ‘बोबो डॉल प्रयोग’ (Bobo Doll Experiment) किस मनोवैज्ञानिक द्वारा किया गया था?
उत्तर: अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura)
Q2. बंडूरा के प्रेक्षणात्मक अधिगम (Observational Learning) का सही क्रम क्या है?
उत्तर: ध्यान देना (Attention) → धारण करना (Retention) → पुनः प्रस्तुतीकरण (Reproduction) → अभिप्रेरणा (Motivation)
Q3. जब कोई बच्चा दूसरों के व्यवहार को देखकर और उसका अनुकरण करके सीखता है, तो इसे क्या कहते हैं?
उत्तर: सामाजिक अधिगम / मॉडलिंग (Modeling Theory)
Q4. जब एक बच्चा कक्षा में किसी सहपाठी को अच्छे व्यवहार के लिए शाबाशी मिलते देखकर खुद भी वैसा व्यवहार करने लगता है, तो इसे बंडूरा ने क्या कहा?
उत्तर: प्रतिस्थानिक पुनर्बलन (Vicarious Reinforcement)
Q5. शिक्षक का कक्षा में अनुकरणीय व आदर्श व्यवहार प्रस्तुत करना किस अधिगम सिद्धांत का व्यावहारिक उदाहरण है?
उत्तर: अल्बर्ट बंडूरा का सामाजिक अधिगम सिद्धांत
और भी पढ़ें –
जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत: 4 अवस्थाएं व स्कीमा | Psychologists Series
लेव वाइगोत्सकी का सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत: ZPD, Scaffolding व MKO | Psychologists Series
लॉरेंस कोहलबर्ग का नैतिक विकास सिद्धांत: 3 स्तर, 6 चरण व हिंज की दुविधा | Psychologists Series
Play quiz here 👇👇👇
अल्बर्ट बंडूरा का सामाजिक अधिगम सिद्धांत
📌 आधिकारिक संदर्भ एवं अध्ययन सामग्री (NCERT):