गैलीलियो दूरदर्शी एवं पार्थिव दूरदर्शी में अंतर
भौतिक विज्ञान (Optics) में दूर स्थित वस्तुओं को देखने के लिए विभिन्न प्रकार के दूरदर्शियों (Telescopes) का उपयोग किया जाता है। गैलीलियो दूरदर्शी (Galilean Telescope) और पार्थिव दूरदर्शी (Terrestrial Telescope) दोनों ही सीधे प्रतिबिंब बनाने के लिए प्रसिद्ध हैं, लेकिन इनकी बनावट और कार्यविधि में महत्वपूर्ण अंतर होते हैं।
परीक्षार्थी अक्सर इन दोनों के बीच के अंतरों को लेकर भ्रमित रहते हैं। नीचे दी गई तालिका में, आपकी परीक्षा की तैयारी को आसान बनाने के लिए इन दोनों दूरदर्शियों के मुख्य अंतरों को प्रस्तुत किया गया है:
| क्र. | गैलीलियो दूरदर्शी (Galilean Telescope) | पार्थिव दूरदर्शी (Terrestrial Telescope) |
|---|---|---|
| 1. | इसमें अवतल लेंस (Concave Lens) नेत्रिका (Eye-piece) का कार्य करता है। | इसमें उत्तल लेंस (Convex Lens) नेत्रिका (Eye-piece) का कार्य करता है। |
| 2. | इस दूरदर्शी की नली की लंबाई सामान्यतः कम होती है। यदि अंतिम प्रतिबिंब अनंत पर बने, तो नली की लंबाई $$L = f_o – f_e$$ होती है। |
इस दूरदर्शी की नली की लंबाई सामान्यतः अधिक होती है। यदि अंतिम प्रतिबिंब अनंत पर बने, तो नली की लंबाई $$L = f_o + 4f + f_e$$ होती है। |
| 3. | इसकी आवर्धन क्षमता (Magnifying Power) पार्थिव दूरदर्शी की तुलना में कम होती है। | इसकी आवर्धन क्षमता गैलीलियो दूरदर्शी की तुलना में अधिक होती है। |
याद रखने योग्य मुख्य बातें:
- ✔ गैलीलियो दूरदर्शी में प्रतिबिंब सीधा बनता है क्योंकि इसमें अवतल लेंस (नेत्रिका) का उपयोग होता है, जो उल्टे प्रतिबिंब को सीधा कर देता है।
- ✔ पार्थिव दूरदर्शी में सीधा प्रतिबिंब बनाने के लिए दो उत्तल लेंसों के बीच एक प्रतिलोमक उत्तल लेंस (Inverting Convex Lens) का अतिरिक्त उपयोग किया जाता है। इस अतिरिक्त लेंस के कारण ही इसकी नली बहुत लंबी हो जाती है।
- ✔ परीक्षा में नली की लंबाई का सूत्र पूछते समय, विशेष रूप से ‘अनंत स्थिति’ (शांत आँख) का उल्लेख किया जाता है।
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गैलीलियो एवं पार्थिव दूरदर्शी: न्यूमेरिकल और समाधान
Q1. एक गैलीलियो दूरदर्शी के अभिदृश्यक लेंस की फोकस दूरी $$90\text{ सेमी}$$ तथा नेत्रिका की फोकस दूरी $$5\text{ सेमी}$$ है। सामान्य समायोजन (अनंत पर अंतिम प्रतिबिंब) की स्थिति में दूरदर्शी की आवर्धन क्षमता (m) तथा नली की लंबाई (L) ज्ञात कीजिए।
• दिया है: $$f_o = 90\text{ सेमी}$$, $$f_e = 5\text{ सेमी}$$
• आवर्धन क्षमता: $$m = \frac{f_o}{f_e} = \frac{90}{5} = \mathbf{18}$$ (प्रतिबिंब सीधा बनता है)
• नली की लंबाई: $$L = f_o – f_e = 90 – 5 = \mathbf{85\text{ सेमी}}$$
उत्तर: आवर्धन क्षमता 18 तथा नली की लंबाई $$85\text{ सेमी}$$ होगी।
Q2. एक पार्थिव दूरदर्शी में अभिदृश्यक की फोकस दूरी $$90\text{ सेमी}$$, नेत्रिका की फोकस दूरी $$5\text{ सेमी}$$ तथा बीच में प्रयुक्त प्रतिलोमक (Inverting) लेंस की फोकस दूरी $$4\text{ सेमी}$$ है। सामान्य समायोजन की स्थिति में इस दूरदर्शी की नली की लंबाई (L) ज्ञात कीजिए।
• दिया है: $$f_o = 90\text{ सेमी}$$, $$f_e = 5\text{ सेमी}$$, $$f = 4\text{ सेमी}$$
• पार्थिव दूरदर्शी की लंबाई का सूत्र: $$L = f_o + 4f + f_e$$
• मान रखने पर: $$L = 90 + 4(4) + 5$$
• $$L = 90 + 16 + 5 = \mathbf{111\text{ सेमी}}$$
उत्तर: पार्थिव दूरदर्शी की नली की कुल लंबाई $$111\text{ सेमी}$$ होगी।
Q3. यदि प्रश्न 1 और प्रश्न 2 के डेटा की तुलना की जाए (जहाँ दोनों के अभिदृश्यक और नेत्रिका समान हैं), तो पार्थिव दूरदर्शी की नली गैलीलियो दूरदर्शी की नली से कितनी अधिक लंबी है?
• पार्थिव दूरदर्शी की लंबाई ($$L_{\text{terrestrial}}$$) = $$111\text{ सेमी}$$ (प्रश्न 2 से)
• गैलीलियो दूरदर्शी की लंबाई ($$L_{\text{galilean}}$$) = $$85\text{ सेमी}$$ (प्रश्न 1 से)
• लंबाई में अंतर = $$L_{\text{terrestrial}} – L_{\text{galilean}} = 111 – 85 = \mathbf{26\text{ सेमी}}$$
निष्कर्ष: अतिरिक्त प्रतिलोमक लेंस ($$4f = 4 \times 4 = 16\text{ सेमी}$$) और नेत्रिका की प्रकृति के कारण पार्थिव दूरदर्शी की नली $$26\text{ सेमी}$$ अधिक लंबी है।
Q4. एक गैलीलियो दूरदर्शी की आवर्धन क्षमता 10 है और सामान्य समायोजन में इसकी नली की लंबाई $$45\text{ सेमी}$$ है। इसके अभिदृश्यक ($$f_o$$) और नेत्रिका ($$f_e$$) की फोकस दूरियाँ ज्ञात कीजिए।
• दिया है: $$m = 10 \Rightarrow \frac{f_o}{f_e} = 10 \Rightarrow f_o = 10f_e$$
• नली की लंबाई का सूत्र: $$L = f_o – f_e = 45\text{ सेमी}$$
• $$10f_e – f_e = 45 \Rightarrow 9f_e$$ $$= 45 \Rightarrow f_e = \mathbf{5\text{ सेमी}}$$
• अभिदृश्यक की फोकस दूरी: $$f_o = 10 \times 5 = \mathbf{50\text{ सेमी}}$$
उत्तर: अभिदृश्यक की फोकस दूरी $$50\text{ सेमी}$$ और नेत्रिका की फोकस दूरी $$5\text{ सेमी}$$ है।
Q5. एक पार्थिव दूरदर्शी के अभिदृश्यक की फोकस दूरी $$120\text{ सेमी}$$, प्रतिलोमक लेंस की फोकस दूरी $$5\text{ सेमी}$$ तथा नेत्रिका की फोकस दूरी $$6\text{ सेमी}$$ है। सामान्य समायोजन में इसकी आवर्धन क्षमता (m) पर प्रतिलोमक लेंस का क्या प्रभाव पड़ता है, गणना द्वारा स्पष्ट कीजिए।
• दिया है: $$f_o = 120\text{ सेमी}$$, $$f = 5\text{ सेमी}$$, $$f_e = 6\text{ सेमी}$$
• पार्थिव दूरदर्शी की आवर्धन क्षमता का सूत्र: $$m = \frac{f_o}{f_e}$$ (यहाँ प्रतिलोमक लेंस का आवर्धन परिमाण 1 होता है, यह केवल प्रतिबिंब सीधा करता है)।
• $$m = \frac{120}{6} = \mathbf{20}$$
निष्कर्ष: प्रतिलोमक लेंस का आवर्धन के परिमाण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। यह केवल अंतिम प्रतिबिंब को सीधा बनाने का कार्य करता है।
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