गैलीलियो दूरदर्शी (Galilean Telescope)
1. परिचय
गैलीलियो दूरदर्शी एक प्रकार का पार्थिव दूरदर्शी है, जिसे 1610 में इटली के वैज्ञानिक गैलीलियो ने विकसित किया था। इस दूरदर्शी की विशेषता यह है कि इसमें नेत्रिका के रूप में अवतल लेंस का उपयोग किया जाता है!
2. बनावट (Construction)
- इसमें दो समाक्ष बेलनाकार नलियाँ होती हैं।
- लंबी नली के एक सिरे पर उत्तल लेंस (अभिदृश्यक) और छोटी नली में अवतल लेंस (नेत्रिका) लगा होता है।
- इस दूरदर्शी की लंबाई अन्य दूरदर्शी की तुलना में कम होती है।
- नोट: इसमें अभिदृश्यक द्वारा बना प्रतिबिंब नली के बाहर बनता है, इसलिए इसमें क्रॉस तार नहीं लगाए जा सकते और मापन कार्य संभव नहीं है।
3. आवर्धन क्षमता (Magnifying Power)
आवर्धन क्षमता, अंतिम प्रतिबिंब द्वारा निर्मित दर्शन-कोण ($\beta$) और वस्तु द्वारा निर्मित दर्शन-कोण ($\alpha$) का अनुपात है!
स्थितियाँ:
- स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी (D) पर:
m = (fo / fe) * (1 - fe / D)नली की लंबाई:L = fo - ue - अनंत पर (सामान्य समायोजन):
m = fo / feनली की लंबाई:L = fo - fe
4. महत्वपूर्ण बिंदु
- गैलीलियो दूरदर्शी में आवर्धन-क्षमता धनात्मक होती है, अतः प्रतिबिंब वस्तु के सापेक्ष सीधा बनता है।
- इसका उपयोग मुख्य रूप से पार्थिव दूरदर्शी के रूप में किया जाता है।
- अधिक आवर्धन के लिए: $$f_o$$ का मान अधिक और $$f_e$$ का मान कम होना चाहिए।
गैलीलियो दूरदर्शी: न्यूमेरिकल और समाधान
1. एक गैलीलियो दूरदर्शी के अभिदृश्यक की फोकस दूरी 50 सेमी और नेत्रिका की फोकस दूरी 5 सेमी है। सामान्य समायोजन में आवर्धन क्षमता ज्ञात कीजिए!
समाधान: $$m = f_o / f_e = 50 / 5 = 10$$!
2. उपरोक्त दूरदर्शी की सामान्य समायोजन में नली की लंबाई क्या होगी?
समाधान: $$L = f_o – f_e = 50 – 5 = 45$$ सेमी!
3. एक गैलीलियो दूरदर्शी की आवर्धन क्षमता 5 है और इसकी नली की लंबाई 40 सेमी है। अभिदृश्यक और नेत्रिका की फोकस दूरियाँ ज्ञात कीजिए!
समाधान: $$m = f_o / f_e = 5 \Rightarrow f_o = 5f_e$$ और $$L = f_o – f_e = 40 \Rightarrow 5f_e – f_e$$ $$= 40 \Rightarrow 4f_e = 40 \Rightarrow f_e = 10$$ सेमी, $$f_o = 50$$ सेमी!
4. यदि स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी (D=25 सेमी) पर अंतिम प्रतिबिंब बने, तो गैलीलियो दूरदर्शी की आवर्धन क्षमता का सूत्र क्या होगा?
समाधान: $$m = (f_o / f_e) \cdot (1 – f_e / D)$$!
5. एक गैलीलियो दूरदर्शी में $$f_o = 100$$ सेमी और $$f_e = 10$$ सेमी है। यदि प्रतिबिंब स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी (25 सेमी) पर बने, तो आवर्धन क्षमता ज्ञात कीजिए!
समाधान: $$m = (100 / 10) \cdot (1 – 10 / 25) = 10 \cdot (1 – 0.4)$$ $$= 10 \cdot 0.6 = 6$$!
और भी पढ़ें –
पार्थिव दूरदर्शी (Terrestrial Telescope) क्या है? सिद्धांत, बनावट और आवर्धन क्षमता
दूरदर्शी (Telescope) क्या है? प्रकार, सिद्धांत और आवर्धन क्षमता – संपूर्ण जानकारी
खगोलीय दूरदर्शी (Astronomical Telescope) का सिद्धांत, बनावट और आवर्धन क्षमता – कक्षा 12 फिजिक्स
इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी (Electron Microscope) क्या है? सिद्धांत, कार्यविधि और उपयोग
संयुक्त सूक्ष्मदर्शी (Compound Microscope) क्या है? सिद्धांत, आवर्धन क्षमता और सूत्र
सूक्ष्मदर्शी क्या है? सूक्ष्मदर्शी का सिद्धांत और आवर्धन क्षमता | Microscope in Hindi
सरल सूक्ष्मदर्शी (Simple Microscope) क्या है? सिद्धांत, किरण आरेख और आवर्धन क्षमता के सूत्र
दर्शन कोण क्या है? वस्तु का आभासी आकार और इसके महत्वपूर्ण उदाहरण | Visual Angle Class 12
Play quiz here 👇👇👇
गैलीलियो दूरदर्शी (Galilean Telescope)
Join Our Physics Community!
Latest Physics Notes, PGT/NET Prep & Daily MCQs directly on your WhatsApp.
100% Private & Secure | No Phone Number Required