ऋजुकोर द्वारा प्रकाश का विवर्तन (Diffraction at a Straight Edge)
ऋजुकोर द्वारा प्रकाश का विवर्तन (Diffraction of Light at a Straight Edge) – जब एक संकीर्ण स्लिट (S) से आने वाला प्रकाश किसी तीक्ष्ण ऋजुकोर (सीधी कोर, AB) के पास से गुजरता है, तो पर्दे (XY) पर ज्यामितीय प्रकाशिकी के विरुद्ध एक विशेष प्रतिरूप प्राप्त होता है।
अवलोकन और प्रयोग के परिणाम:
सैद्धांतिक रूप से पर्दे के बिंदु O के नीचे ‘ज्यामितीय छाया’ में पूर्ण अंधकार होना चाहिए, परन्तु विवर्तन के कारण ऐसा नहीं होता:
- (i) ज्यामितीय छाया वाला भाग (OY): अवरोध AB के पीछे भी कुछ प्रकाश पहुँच जाता है, जिसकी तीव्रता ओझल होते हुए बिंदु P1 पर शून्य हो जाती है। इसके बाद ही पूर्ण अंधकार मिलता है।
- (ii) प्रदीप्त क्षेत्र (OX): कोर के समानांतर दीप्त (Bright) और अदीप्त (Dark) फ्रिंजें दिखाई देती हैं। जैसे-जैसे हम O से ऊपर जाते हैं, फ्रिंजों की चौड़ाई कम होती जाती है और अंततः प्रकाश की तीव्रता एकसमान हो जाती है।
अभ्यास प्रश्न: ऋजुकोर द्वारा विवर्तन
प्रश्न 1: ऋजुकोर (Straight Edge) द्वारा विवर्तन में पर्दे पर ज्यामितीय छाया क्षेत्र में क्या अपेक्षित होता है और वास्तव में क्या प्राप्त होता है?
उत्तर: ज्यामितीय प्रकाशिकी के अनुसार छाया क्षेत्र में पूर्ण अंधकार अपेक्षित होता है, लेकिन विवर्तन के कारण वास्तव में इस क्षेत्र में भी प्रकाश पहुँचता है और बिंदु P1 के बाद तीव्रता शून्य होती है ।
प्रश्न 2: प्रदीप्त क्षेत्र (OX) में विवर्तन प्रतिरूप की क्या विशेषता है?
उत्तर: प्रदीप्त क्षेत्र में ऋजुकोर की लंबाई के समानांतर दीप्त (Bright) और अदीप्त (Dark) फ्रिंजें दिखाई देती हैं, जिनकी चौड़ाई ऊपर की ओर जाने पर कम होती जाती है ।
प्रश्न 3: फ्रिंजों के बनने के बाद पर्दे पर अंत में प्रकाश का व्यवहार कैसा हो जाता है?
उत्तर: बिंदु P के ऊपर फ्रिंजें समाप्त हो जाती हैं और प्रकाश की तीव्रता एकसमान (Uniform) हो जाती है ।
प्रश्न 4: ऋजुकोर विवर्तन के प्रयोग में ‘बिंदु P1’ का क्या महत्व है?
उत्तर: बिंदु P1 वह स्थान है जहाँ पहुँचकर विवर्तित प्रकाश की तीव्रता शून्य हो जाती है, जिसके बाद ही पर्दे पर पूर्ण अंधकार (ज्यामितीय छाया) प्राप्त होता है ।
प्रश्न 5: क्या प्रकाश का केवल सरल रेखा में गमन करना विवर्तन को समझा सकता है?
उत्तर: नहीं, विवर्तन यह सिद्ध करता है कि प्रकाश अवरोध के किनारों पर मुड़ जाता है, जो प्रकाश के तरंग प्रकृति का प्रमाण है ।
ऋजुकोर द्वारा प्रकाश का विवर्तन (Diffraction of Light at a Straight Edge)
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