विवर्तन और हाइगन का सिद्धान्त
हाइगन के प्रकाश के तरंग सिद्धान्त के अनुसार, तरंगाग्र का प्रत्येक बिन्दु द्वितीयक तरंगिकाओं (Secondary Wavelets) के स्वतंत्र स्रोत की तरह कार्य करता है। जब एक ही तरंगाग्र के विभिन्न बिन्दुओं से चलने वाली द्वितीयक तरंगिकाएँ अध्यारोपित होती हैं, तो उनमें व्यतिकरण होता है। इस प्रकार, एक ही तरंगाग्र के विभिन्न बिन्दुओं से चलने वाली तरंगिकाओं के व्यतिकरण के कारण ही विवर्तन (Diffraction) की घटना होती है।
विवर्तन के प्रकार
विवर्तन की घटना को मुख्य रूप से दो वर्गों में बाँटा गया है:
(i) फ्रेनेल विवर्तन (Fresnel Diffraction)
इस प्रकार के विवर्तन में प्रकाश-स्रोत और पर्दा, दोनों ही अवरोध (Obstacle) से सीमित (Finite) दूरी पर होते हैं।
- तरंगाग्र: इसमें आपतित प्रकाश तरंगाग्र गोलाकार या बेलनाकार होता है।
- विशेषता: तरंगाग्र के विभिन्न बिन्दु अवरोध तक एक ही समय में नहीं पहुँच पाते, इसलिए द्वितीयक तरंगिकाएँ समान कला (Phase) में नहीं होती हैं।
- उदाहरण: ऋजुकोर (Straight Edge) द्वारा प्राप्त विवर्तन फ्रेनेल विवर्तन है।
(ii) फ्रॉनहॉफर विवर्तन (Fraunhofer Diffraction)
इस प्रकार के विवर्तन में स्रोत और पर्दा, दोनों ही अवरोध से अनंत दूरी पर होते हैं।
- तकनीक: इसके लिए उत्तल लेंस का उपयोग किया जाता है ताकि आपतित किरणों को समानांतर किया जा सके और विवर्तित किरणों को पर्दे पर फोकस किया जा सके।
- तरंगाग्र: अवरोध पर आपतित तरंगाग्र समतल (Plane) होता है।
- विशेषता: अवरोध के विभिन्न बिन्दुओं से चलने वाली द्वितीयक तरंगिकाएँ समान कला में होती हैं।
- उदाहरण: एकल स्लिट (Single Slit) द्वारा प्राप्त विवर्तन फ्रॉनहॉफर विवर्तन है।
अभ्यास प्रश्न: विवर्तन और हाइगन का सिद्धान्त
प्रश्न 1: हाइगन के तरंग सिद्धान्त के अनुसार विवर्तन की घटना क्यों होती है?
उत्तर: हाइगन के अनुसार, तरंगाग्र का प्रत्येक बिन्दु द्वितीयक तरंगिकाओं का स्रोत होता है। जब एक ही तरंगाग्र के विभिन्न बिन्दुओं से चलने वाली ये द्वितीयक तरंगिकाएँ अध्यारोपित होती हैं, तो उनमें व्यतिकरण होता है, जो विवर्तन का कारण बनता है ।
प्रश्न 2: फ्रेनेल विवर्तन (Fresnel Diffraction) की मुख्य विशेषता क्या है?
उत्तर: इसमें प्रकाश-स्रोत और पर्दा दोनों अवरोध से सीमित (finite) दूरी पर होते हैं और आपतित तरंगाग्र गोलाकार या बेलनाकार होता है ।
प्रश्न 3: फ्रॉनहॉफर विवर्तन (Fraunhofer Diffraction) में उत्तल लेंस का उपयोग क्यों किया जाता है?
उत्तर: क्योंकि इसमें स्रोत और पर्दा अनंत दूरी पर होते हैं, इसलिए आपतित किरणों को समानांतर करने के लिए पहले उत्तल लेंस का और विवर्तित किरणों को पर्दे पर फोकस करने के लिए दूसरे उत्तल लेंस का उपयोग किया जाता है ।
प्रश्न 4: फ्रेनेल और फ्रॉनहॉफर विवर्तन के बीच मुख्य अंतर क्या है?
उत्तर: फ्रेनेल विवर्तन में स्रोत और पर्दा सीमित दूरी पर होते हैं, जबकि फ्रॉनहॉफर विवर्तन में स्रोत और पर्दा अनंत दूरी पर होते हैं ।
प्रश्न 5: ऋजुकोर (Straight Edge) द्वारा प्राप्त विवर्तन किस श्रेणी में आता है?
उत्तर: ऋजुकोर द्वारा प्राप्त विवर्तन फ्रेनेल विवर्तन (Fresnel Diffraction) की श्रेणी में आता है ।
और भी पढ़ें –
न्यूटन का कणिका-सिद्धान्त (Newton’s Corpuscular Theory): क्या था? क्यों असफल हुआ?
यंग का द्वि-स्लिट प्रयोग: व्यतिकरण की संपूर्ण व्याख्या (Young’s Double Slit Experiment)
प्रकाश का विवर्तन (Diffraction of Light): परिभाषा, चित्र और मुख्य बिंदु
प्रकाश का विवर्तन (Diffraction of Light): परिभाषा, चित्र और मुख्य बिंदु
विवर्तन और हाइगन का सिद्धान्त (Diffraction and Huygen’s Principle)
Play quiz here 👇👇👇
विवर्तन और हाइगन का सिद्धान्त (Diffraction and Huygen’s Principle)
Join Our Physics Community!
Latest Physics Notes, PGT/NET Prep & Daily MCQs directly on your WhatsApp.
100% Private & Secure | No Phone Number Required