एकल स्लिट द्वारा प्रकाश का विवर्तन (Diffraction due to Single Slit)
एकल स्लिट द्वारा प्रकाश का विवर्तन (Diffraction of light due to single slit) -जब ‘d’ चौड़ाई की एक संकीर्ण स्लिट पर ‘λ’ तरंगदैर्घ्य का समतल तरंगाग्र अभिलंबवत आपतित होता है, तो पर्दे पर विवर्तन-चित्र प्राप्त होता है.
विवर्तन प्रतिरूप की मुख्य विशेषताएं:
- केंद्रीय उच्चिष्ट की चौड़ाई, द्वितीयक उच्चिष्टों की चौड़ाई की दोगुनी होती है.
- द्वितीयक उच्चिष्टों की तीव्रता क्रमशः कम होती जाती है.
- स्लिट की चौड़ाई अत्यंत कम होने पर ही विवर्तन-चित्र स्पष्ट दिखाई देता है.
केंद्रीय उच्चिष्ट (Central Maximum):
पर्दे के बिंदु O पर, सभी द्वितीयक तरंगिकाएं समान कला में पहुंचती हैं और एक-दूसरे को प्रबल (Reinforce) करती हैं। फलस्वरूप, बिंदु O पर प्रकाश की तीव्रता अधिकतम होती है, जिसे केंद्रीय उच्चिष्ट कहते हैं.
निम्निष्ठ और उच्चिष्ट की स्थितियाँ:
विभिन्न निम्निष्ठों (minima) के लिए सीमांत किरणों के मध्य पथांतर ‘λ/2’ का समगुणक होना चाहिए:
d sin θn = nλ (जहाँ n = 1, 2, 3…)
निष्कर्ष (Key Conclusions):
- केंद्रीय उच्चिष्ट की चौड़ाई: β0 = 2λD/d.
- द्वितीयक उच्चिष्ट की चौड़ाई: βmax = λD/d.
- स्लिट की चौड़ाई ‘d’ बढ़ाने पर द्वितीयक उच्चिष्टों की चौड़ाई कम होने लगती है.
उदाहरण:
यदि λ = 6500Å और प्रथम निम्निष्ठ θ = 30° पर प्राप्त होता है, तो स्लिट की चौड़ाई ‘d’ की गणना निम्न प्रकार की जाती है:
d = λ / θ = (6500 × 10⁻¹⁰) / (π/6) ≈ 1.24 × 10⁻⁶ मीटर.
अभ्यास प्रश्न: एकल स्लिट विवर्तन
प्रश्न 1: एकल स्लिट विवर्तन में ‘केंद्रीय उच्चिष्ट’ (Central Maxima) कैसे बनता है?
उत्तर: स्लिट के मध्य बिंदु C के ठीक सामने पर्दे के बिंदु O पर, सभी द्वितीयक तरंगिकाएं समान कला में पहुँचती हैं और एक-दूसरे को प्रबल (Reinforce) करती हैं, जिससे वहाँ तीव्रता अधिकतम होती है ।
प्रश्न 2: निम्निष्ठ (Minima) की स्थिति के लिए आवश्यक शर्त क्या है?
उत्तर: निम्निष्ठ की स्थितियों के लिए सीमांत किरणों के मध्य पथांतर (d sin θn) तरंगदैर्घ्य (λ) का पूर्णांक गुणज (nλ) होना चाहिए, जहाँ n = 1, 2, 3… ।
प्रश्न 3: स्लिट की चौड़ाई (d) बदलने का विवर्तन प्रतिरूप पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: स्लिट की चौड़ाई ‘d’ बढ़ाने पर द्वितीयक उच्चिष्टों की चौड़ाई कम होने लगती है, जिससे विवर्तन प्रतिरूप अधिक स्पष्ट और सूक्ष्म हो जाता है ।
प्रश्न 4: केंद्रीय उच्चिष्ट की कोणीय चौड़ाई का सूत्र क्या है?
उत्तर: केंद्रीय उच्चिष्ट की कोणीय चौड़ाई का सूत्र φ = 2λ/d होता है ।
प्रश्न 5: श्वेत प्रकाश का प्रयोग करने पर विवर्तन प्रतिरूप कैसा दिखता है?
उत्तर: श्वेत प्रकाश का उपयोग करने पर रंगीन विवर्तन-चित्र प्राप्त होता है, जिसमें केंद्रीय उच्चिष्ट श्वेत होता है और द्वितीयक उच्चिष्ट रंगीन दिखाई देते हैं ।
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एकल स्लिट द्वारा प्रकाश का विवर्तन (Diffraction of light due to single slit)
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