यंग के प्रयोग में फ्रिंज-चौड़ाई (Fringe-width)
1. फ्रिंज-चौड़ाई का गणितीय व्यंजक
माना S1 और S2 दो कला-सम्बद्ध स्रोत हैं जिनके बीच की दूरी ‘d’ है। पर्दे XY की S1S2 के मध्य बिंदु से दूरी ‘D’ है।
पर्दे पर बिंदु P, जो केंद्रीय बिंदु O1 से ‘x’ दूरी पर है, वहाँ पहुँचनें वाली तरंगों का पथांतर (Path difference) निम्न सूत्र द्वारा प्राप्त होता है:
पथांतर (S2P – S1P) = (xd / D)
दीप्त और अदीप्त फ्रिंज की शर्तें:
- दीप्त फ्रिंज (Bright Fringes): इनके लिए पथांतर, $$\lambda/2$$ का समगुणक होता है। अतः: $$x = (n\lambda D / d)$$, जहाँ $$n = 0, 1, 2, …$$ ।
- अदीप्त फ्रिंज (Dark Fringes): इनके लिए पथांतर, $$\lambda/2$$ का विषम गुणक होता है। अतः: $$x = (2n-1)\lambda D / 2d$$, जहाँ $$n = 1, 2, 3, …$$ ।
2. फ्रिंज-चौड़ाई ($\beta$) का निगमन
दो क्रमागत दीप्त या अदीप्त फ्रिंजों के बीच की दूरी को फ्रिंज-चौड़ाई ($$\beta$$) कहते हैं ।
अदीप्त फ्रिंज की चौड़ाई $$\beta_1 = (\lambda D / d)$$ ।
दीप्त फ्रिंज की चौड़ाई $$\beta_2 = (\lambda D / d)$$ ।
अतः, दीप्त और अदीप्त दोनों फ्रिंजों की चौड़ाई समान होती है: $$\beta = \lambda D / d$$ ।
3. फ्रिंज-चौड़ाई की निर्भरता (Factors Affecting Fringe Width)
- प्रकाश के तरंगदैर्घ्य ($\lambda$) पर: फ्रिंज-चौड़ाई $$\beta \propto \lambda$$ होती है। लाल रंग का तरंगदैर्घ्य बैंगनी से अधिक होने के कारण लाल प्रकाश के लिए फ्रिंज-चौड़ाई अधिक होती है ।
- स्रोतों के बीच की दूरी ($d$) पर: फ्रिंज-चौड़ाई $$\beta \propto 1/d$$ होती है। स्रोत पास होने पर फ्रिंज-चौड़ाई बढ़ती है ।
- पर्दे की दूरी ($D$) पर: फ्रिंज-चौड़ाई $$\beta \propto D$$ होती है। दूरी बढ़ाने पर चौड़ाई बढ़ती है ।
4. आंकिक उदाहरण (Numerical Example)
प्रश्न: स्लिट युग्म पर 630 nm तरंगदैर्घ्य का प्रकाश आपतित है, जिससे दीप्त फ्रिंजों के बीच की दूरी 8.1 mm है। दूसरे लेजर के लिए यह दूरी 7.2 mm है, तो उसका तरंगदैर्घ्य ($$\lambda_2$$) ज्ञात कीजिए ।
हल: सूत्र $$\beta_1 / \beta_2 = \lambda_1 / \lambda_2$$ का प्रयोग करने पर ।
मान रखने पर: $$8.1 / 7.2 = 630 / \lambda_2$$ ।
$$\lambda_2 = (630 \times 7.2) / 8.1 = 560 \text{ nm}$$ ।
फ्रिंज-चौड़ाई: अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1: यंग के द्वि-स्लिट प्रयोग में फ्रिंज-चौड़ाई (β) का गणितीय सूत्र लिखिए।
उत्तर: फ्रिंज-चौड़ाई का सूत्र β = (λD / d) है, जहाँ λ प्रकाश का तरंगदैर्घ्य, D स्लिट से पर्दे की दूरी, और d स्लिट्स के बीच की दूरी है ।
प्रश्न 2: फ्रिंज-चौड़ाई पर प्रकाश के तरंगदैर्घ्य (λ) का क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: फ्रिंज-चौड़ाई, प्रकाश के तरंगदैर्घ्य के अनुक्रमानुपाती (β ∝ λ) होती है । अतः अधिक तरंगदैर्घ्य (जैसे लाल रंग) के प्रकाश के लिए फ्रिंज-चौड़ाई अधिक होती है ।
प्रश्न 3: क्या दीप्त और अदीप्त फ्रिंजों की चौड़ाई भिन्न होती है? कारण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: नहीं, दीप्त और अदीप्त दोनों फ्रिंजों की चौड़ाई समान होती है । गणितीय गणना के अनुसार दोनों की चौड़ाई β = (λD / d) प्राप्त होती है ।
प्रश्न 4: कला-सम्बद्ध स्रोतों के बीच की दूरी (d) बढ़ाने पर फ्रिंज-चौड़ाई पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: फ्रिंज-चौड़ाई, स्रोतों के बीच की दूरी के व्युत्क्रमानुपाती (β ∝ 1/d) होती है । अतः दूरी (d) बढ़ाने पर फ्रिंज-चौड़ाई कम हो जाती है ।
प्रश्न 5: यदि पर्दे को स्रोतों से दूर कर दिया जाए (D बढ़ाया जाए), तो फ्रिंज-चौड़ाई पर क्या होगा?
उत्तर: फ्रिंज-चौड़ाई, पर्दे की दूरी के अनुक्रमानुपाती (β ∝ D) होती है । इसलिए पर्दे को स्रोतों से दूर करने पर फ्रिंज-चौड़ाई बढ़ जाती है ।
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