दण्ड-चुम्बक और धारावाही परिनालिका की तुलना
समानता (Similarities)
दण्ड-चुम्बक और धारावाही परिनालिका की तुलना-
| क्र. | दण्ड-चुम्बक | धारावाही परिनालिका |
|---|---|---|
| 1. | यह चुम्बकीय पदार्थों को अपनी ओर आकर्षित करता है। | यह भी चुम्बकीय पदार्थों को अपनी ओर आकर्षित करती है। |
| 2. | स्वतन्त्रतापूर्वक लटकाने पर यह उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहरता है। | इसे भी स्वतन्त्रतापूर्वक लटकाने पर यह उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहरती है। |
| 3. | दण्ड-चुम्बक में दो ध्रुव होते हैं—उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव। | धारावाही परिनालिका के भी दो ध्रुव होते हैं। |
| 4. | दण्ड-चुम्बकों के सजातीय ध्रुवों में प्रतिकर्षपण तथा विजातीय ध्रुवों में आकर्षण होता है। | धारावाही परिनालिका के भी सजातीय ध्रुवों में प्रतिकर्षपण तथा विजातीय ध्रुवों में आकर्षण होता है। |
| 5. | यह प्रेरण की क्रिया प्रदर्शित करता है। | यह भी प्रेरण की क्रिया दर्शाती है। |
असमानता (Dissimilarities)
| क्र. | दण्ड-चुम्बक | धारावाही परिनालिका |
|---|---|---|
| 1. | दण्ड-चुम्बक के सिरों पर चुम्बकत्व अधिकतम तथा मध्य में चुम्बकत्व न्यूनतम होता है। | परिनालिका के अन्दर प्रत्येक बिन्दु पर चुम्बकत्व एकसमान होता है, केवल सिरों के पास थोड़ा-सा कम होता है। इसके सिरों की ध्रुवता धारा प्रवाह की दिशा पर निर्भर करती है। |
| 2. | इसके सिरों की ध्रुवता नियत रहती है। | इसका चुम्बकत्व प्रवाहित धारा के मान पर निर्भर करता है। धारा का मान बढ़ाने पर चुम्बकत्व का मान भी बढ़ जाता है। |
| 3. | इसका चुम्बकत्व स्थायी होता है। | (यह परिनालिका के परिवर्तनशील व्यवहार के अंतर्गत स्पष्ट होता है) |
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दण्ड-चुम्बक और धारावाही परिनालिका: महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
दण्ड-चुम्बक और धारावाही परिनालिका की तुलना पर आधारित परीक्षा उपयोगी प्रश्न और उनके उत्तर।
प्रश्न 1:
दण्ड-चुम्बक और धारावाही परिनालिका में मुख्य समानताएँ क्या हैं?
उत्तर: दोनों में निम्नलिखित मुख्य समानताएँ हैं—
1. यह भी चुम्बकीय पदार्थों को अपनी ओर आकर्षित करती है।
2. इसे भी स्वतन्त्रतापूर्वक लटकाने पर यह उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहरती है।
3. धारावाही परिनालिका के भी दो ध्रुव होते हैं (उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव)।
4. धारावाही परिनालिका के भी सजातीय ध्रुवों में प्रतिकर्षपण तथा विजातीय ध्रुवों में आकर्षण होता है।
5. यह भी प्रेरण की क्रिया दर्शाती है।
प्रश्न 2:
दण्ड-चुम्बक और धारावाही परिनालिका के चुम्बकीय क्षेत्र में क्या असमानता है?
उत्तर: दण्ड-चुम्बक के सिरों पर चुम्बकत्व अधिकतम तथा मध्य में चुम्बकत्व न्यूनतम होता है, जबकि परिनालिका के अन्दर प्रत्येक बिन्दु पर चुम्बकत्व एकसमान होता है, केवल सिरों के पास थोड़ा-सा कम होता है।
प्रश्न 3:
ध्रुवता और चुम्बकत्व के मान के आधार पर दण्ड-चुम्बक और परिनालिका में क्या अंतर है?
उत्तर: दण्ड-चुम्बक के सिरों की ध्रुवता नियत और चुम्बकत्व स्थायी होता है। इसके विपरीत, धारावाही परिनालिका के सिरों की ध्रुवता धारा प्रवाह की दिशा पर निर्भर करती है और इसका चुम्बकत्व प्रवाहित धारा के मान पर निर्भर करता है (धारा का मान बढ़ाने पर चुम्बकत्व का मान भी बढ़ जाता है)।
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