अमरीकी भाषाशास्त्री और मनोवैज्ञानिक नोम चोम्स्की (Noam Chomsky) को आधुनिक भाषाविज्ञान का जनक माना जाता है। चोम्स्की ने व्यवहारवादियों (जैसे बी.एफ. स्किनर) के इस विचार का खंडन किया कि बच्चे भाषा केवल अनुकरण या रटकर सीखते हैं। उनका मानना था कि बच्चों में भाषा सीखने की क्षमता ‘जन्मजात’ (Innate Ability) होती है।
1. सिद्धांत की मुख्य अवधारणाएं एवं व्यावहारिक उदाहरण
- 1. LAD (Language Acquisition Device – भाषा अधिग्रहण यंत्र):
बालक के मस्तिष्क में एक काल्पनिक जैविक यंत्र होता है जो भाषा के नियमों को स्वतः संसाधित करता है।💡 दैनिक जीवन का उदाहरण: एक 3-4 साल का बच्चा जिसने कभी औपचारिक व्याकरण नहीं पढ़ा, वह स्वतः ही कहता है— “मैं खाना खाऊंगा” और बच्ची कहती है— “मैं खाना खाऊंगी”। बच्चा खुद ही अपने LAD की मदद से लिंग और क्रिया के सही नियम बनाकर बोलता है, जबकि किसी ने उसे यह रटाया नहीं होता। - 2. सार्वभौमिक व्याकरण (Universal Grammar – UG):
दुनिया की सभी भाषाओं के मूल में एक साझा व्याकरणिक ढाँचा (जैसे: कर्ता, क्रिया, कर्म) होता है जिसे बच्चा जन्मजात जानता है।💡 दैनिक जीवन का उदाहरण: यदि एक भारतीय बच्चे को बचपन में ही अमेरिका या जापान में रखा जाए, तो वह बिना किसी विशेष कोचिंग के वहाँ की स्थानीय भाषा का व्याकरण स्वतः ही सीख लेता है, क्योंकि सभी भाषाओं का मूल ढाँचा (UG) एक जैसा होता है। - 3. संवेदनशील काल (Critical Period):
जन्म से 5 वर्ष की आयु तक LAD सबसे अधिक सक्रिय रहता है।💡 उदाहरण: छोटे बच्चे 2-3 भाषाएँ (जैसे मातृभाषा, हिंदी, अंग्रेजी) खेल-खेल में बहुत तेजी से सीख लेते हैं, जबकि वयस्कों को एक नई भाषा सीखने में सालों लग जाते हैं।
2. भाषा की दो संरचनाएं (उदाहरण सहित अंतर)
- सतही संरचना (Surface Structure): इसमें बालक केवल शब्दों, ध्वनियों और वाक्यों को केवल सुनता या बोलता है, परंतु उनके गहरे भाव को नहीं समझता।
उदाहरण: छोटा बच्चा ‘मम्मी’, ‘पापा’, ‘मकान’ या ‘दुकान’ जैसे शब्द बोलना सीख जाता है, लेकिन उनके पीछे के जटिल अर्थ नहीं समझता। - गहरी संरचना (Deep Structure): इसमें बालक वाक्यों के अंतर्निहित वास्तविक अर्थ, भाव और विचारों को गहराई से समझने लगता है।
उदाहरण: “शिकारी ने शेर को मारा” और “शेर शिकारी द्वारा मारा गया”— दोनों वाक्यों के शब्द अलग-अलग हैं (सतही संरचना अलग है), पर दोनों का वास्तविक अर्थ एक ही है। इसे समझना ‘गहरी संरचना’ (Deep Structure) कहलाता है।
3. शिक्षण में चोम्स्की के सिद्धांत का अनुप्रयोग
- सृजनात्मक भाषा प्रयोग: बालक किसी रटे-रटाये वाक्य के स्थान पर खुद नए-नए वाक्य बना सकता है (जैसे: बालक स्वयं नई कहानियाँ या वाक्य गढ़ता है)।
- समृद्ध भाषाई माहौल: शिक्षक को बच्चों पर व्याकरण की परिभाषाएँ थोपने के बजाय बातचीत, कहानी सुनाने और अभिव्यक्ति के भरपूर अवसर देने चाहिए।
4. महत्वपूर्ण अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
Q1. “बच्चों में भाषा सीखने की क्षमता जन्मजात होती है”, यह विचार किस मनोवैज्ञानिक का है?
उत्तर: नोम चोम्स्की (Noam Chomsky)
Q2. चोम्स्की द्वारा प्रतिपादित LAD का पूर्ण रूप (Full Form) क्या है?
उत्तर: Language Acquisition Device (भाषा अधिग्रहण यंत्र)
Q3. ‘सार्वभौमिक व्याकरण’ (Universal Grammar) का संप्रत्यय किसने दिया है?
उत्तर: नोम चोम्स्की
Q4. एक बालक दो अलग-अलग वाक्यों के एक ही अर्थ/भाव को समझ लेता है, यह चोम्स्की के अनुसार भाषा की कौन-सी संरचना है?
उत्तर: गहरी संरचना (Deep Structure)
Q5. चोम्स्की के अनुसार भाषा अर्जन के लिए LAD किस आयु वर्ग तक सर्वाधिक सक्रिय रहता है?
उत्तर: जन्म से लगभग 5 वर्ष तक (प्रारम्भिक बाल्यावस्था)
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नोम चोम्स्की का भाषा विकास सिद्धांत
📌 आधिकारिक संदर्भ एवं अध्ययन सामग्री (NCERT):