स्थिर विद्युत् आवरण (Electrostatic Shielding)
हम जानते हैं कि आवेश के एकसमान गोलीय कवच के अन्दर विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता शून्य होती है, अतः आवेश का मान भी शून्य होता है। यदि चालक गोलीय कवच को कोई आवेश दिया जाये तो यह आवेश उसके बाह्य पृष्ठ पर समान रूप से वितरित हो जाता है। अतः उसके अन्दर गुहिका (Cavity) में कोई आवेश नहीं होता जिससे विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता शून्य होती है। यह तथ्य केवल गोलीय कवच के लिए ही सत्य नहीं है अपितु गुहिका युक्त प्रत्येक चालक के लिए सत्य होता है, चाहे गुहिका का आकार कुछ भी हो। इस तथ्य को गॉस के प्रमेय से आसानी से समझाया जा सकता है।

मानलो A गुहिका युक्त एक चालक है। इसे +q आवेश दिया गया है। यह आवेश चालक के बाह्य पृष्ठ पर समान रूप से वितरित हो जायेगा। गुहिका के पृष्ठ के बिल्कुल निकट गॉसीय पृष्ठ की कल्पना करो। गॉसीय पृष्ठ के अन्दर कोई आवेश नहीं है। अतः इससे गुजरने वाला सम्पूर्ण विद्युत् फ्लक्स शून्य होगा। फलस्वरूप गुहिका के अन्दर विद्युत् क्षेत्र अनुपस्थित होगा (चित्र 6·34)।
किसी चालक में गुहिका के अन्दर विद्युत् क्षेत्र का समाप्त हो जाना या अनुपस्थित रहना स्थिर विद्युत् आवरण कहलाता है। इस प्रकार यदि गुहिकायुक्त किसी चालक को किसी बाह्य विद्युत् क्षेत्र में रख दिया जाये तो गुहिका के अन्दर कोई विद्युत् क्षेत्र नहीं होगा।
व्यावहारिक उपयोग—यदि आप कार में यात्रा कर रहे हों और बिजली गिरने वाली हो, तो खुले मैदान में या पेड़ के नीचे आश्रय लेने के बजाय खिड़की बन्द करके कार के अन्दर रहना अधिक उपयुक्त होगा, क्योंकि सम्पूर्ण आवेश कार की बाह्य सतह पर ही होगा। कार के अन्दर प्रत्येक बिन्दु पर विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता शून्य होगी, चाहे कार की बॉडी (Body) में कितना भी आवेश हो। इस प्रकार आप कार के अन्दर सुरक्षित रहेंगे।
नोट—यदि खोखले चालक के गुहिका में एक आवेश +q रख दिया जाये, तो खोखले चालक के आन्तरिक पृष्ठ पर -q आवेश तथा बाह्य पृष्ठ पर +q आवेश प्रेरित हो जाता है।
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स्थिर विद्युत् आवरण (Electrostatic Shielding) — प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1: स्थिर विद्युत् आवरण (Electrostatic Shielding) किसे कहते हैं?
उत्तर: किसी चालक में गुहिका (Cavity) के अन्दर विद्युत् क्षेत्र का समाप्त हो जाना या अनुपस्थित रहना स्थिर विद्युत् आवरण कहलाता है। इसके कारण बाह्य विद्युत् क्षेत्र का गुहिका के अन्दर स्थित वस्तुओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
प्रश्न 2: चालक की गुहिका (Cavity) के अन्दर विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता शून्य क्यों होती है?
उत्तर: जब किसी गुहिकायुक्त चालक को आवेश दिया जाता है, तो सम्पूर्ण आवेश उसके बाह्य पृष्ठ पर समान रूप से वितरित हो जाता है। गुहिका के अन्दर कोई आवेश न होने के कारण (गॉस के प्रमेय के अनुसार) सम्पूर्ण विद्युत् फ्लक्स शून्य होता है, जिससे गुहिका के अन्दर विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता शून्य हो जाती है।
प्रश्न 3: आकाशीय बिजली चमकने या गिरने के समय कार के अन्दर रहना क्यों सुरक्षित माना जाता है?
उत्तर: कार की धात्विक बॉडी एक खोखले चालक (गुहिका) की भांति कार्य करती है। स्थिर विद्युत् आवरण के सिद्धांत के अनुसार बिजली का सम्पूर्ण आवेश कार की बाहरी सतह पर ही रहता है और कार के अन्दर प्रत्येक बिन्दु पर विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता शून्य होती है। इसलिए बंद कार के अन्दर रहना पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
प्रश्न 4: यदि किसी खोखले चालक की गुहिका के अन्दर +q आवेश रख दिया जाये तो क्या होगा?
उत्तर: स्थिर विद्युत् प्रेरण के कारण खोखले चालक के आन्तरिक पृष्ठ पर -q आवेश तथा बाह्य पृष्ठ पर +q आवेश प्रेरित हो जाता है।
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