सौर स्पेक्ट्रम और फ्रॉनहॉफर रेखाएँ
फ्रॉनहॉफर रेखाएँ (Fraunhofer Lines) Solar Spectrum and Fraunhofer Lines
1. प्रस्तावना (Introduction)
सूर्य के प्रकाश का स्पेक्ट्रम सामान्यतः एक **संतत स्पेक्ट्रम (Continuous Spectrum)** होता है। परन्तु जब इसे शक्तिशाली स्पेक्ट्रोमीटर से देखा जाता है, तो इसमें अनेक काली रेखाएँ दिखाई देती हैं। इन रेखाओं को सबसे पहले 1802 में **वालेशन (Waleston)** ने देखा था, लेकिन इनका विस्तृत अध्ययन 1817 में जर्मन वैज्ञानिक **फ्रॉनहॉफर** ने किया था।
2. परिभाषा (Definition)
सौर स्पेक्ट्रम में पाई जाने वाली काली रेखाओं को **फ्रॉनहॉफर रेखाएँ** कहते हैं। फ्रॉनहॉफर ने इन रेखाओं के नाम A, B, C, D… आदि रखे। इनमें A रेखा लाल भाग में और K रेखा बैंगनी भाग में स्थित होती है।
3. उत्पत्ति के कारण (Cause of Origin)
फ्रॉनहॉफर रेखाओं की उत्पत्ति की व्याख्या **किर्चॉफ के वर्णात्मक अवशोषण नियम** की सहायता से की जा सकती है:
- सूर्य के केंद्रीय भाग (नाभिक) का ताप अत्यधिक होता है, जिसके चारों ओर **प्रकाश-मण्डल (Photosphere)** होता है। यहाँ से उत्सर्जित प्रकाश का स्पेक्ट्रम संतत होता है।
- प्रकाश-मण्डल के चारों ओर का कम ताप वाला वातावरण **वर्ण-मण्डल (Chromosphere)** कहलाता है।
- जब प्रकाश-मण्डल से निकला प्रकाश वर्ण-मण्डल से गुजरता है, तो वर्ण-मण्डल में उपस्थित विभिन्न तत्वों की वाष्प उन विशिष्ट तरंगदैर्ध्यों (wavelengths) को अवशोषित कर लेती है जिन्हें वे स्वयं उच्च ताप पर उत्सर्जित करते हैं।
- इस अवशोषण के कारण सौर स्पेक्ट्रम में उन स्थानों पर काली रेखाएँ आ जाती हैं।

4. फ्रॉनहॉफर रेखाओं की उपयोगिता (Utility)
- **तत्वों की पहचान:** इनके अध्ययन से ज्ञात होता है कि सूर्य के वर्ण-मण्डल में कौन-कौन से तत्व मौजूद हैं। (जैसे सूर्य के वातावरण में 60 से अधिक तत्वों का पता लगाया जा चुका है)।
- **नए तत्वों की खोज:** सौर स्पेक्ट्रम के अध्ययन द्वारा ही सर्वप्रथम **हीलियम (Helium)** की खोज की गई थी।
- **किर्चॉफ के नियम की पुष्टि:** ये रेखाएँ किर्चॉफ के वर्णात्मक अवशोषण नियम का प्रयोगात्मक प्रमाण देती हैं।
💡 विशेष नोट (Important Notes):
- पूर्ण सूर्यग्रहण के समय, फ्रॉनहॉफर रेखाओं के स्थान पर **प्रकाशमान रेखाएँ** दिखाई देती हैं, क्योंकि उस समय प्रकाश वर्ण-मण्डल से आता है।
- पृथ्वी के वायुमण्डल से गुजरते समय भी कुछ गैसें प्रकाश का अवशोषित करती हैं, जिससे इन रेखाओं की संख्या बढ़ जाती है।
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निष्कर्ष (Conclusion)
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फ्रॉनहॉफर रेखाएँ (Fraunhofer Lines)
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