इन्द्रधनुष कैसे बनता है? प्राथमिक और द्वितीयक इन्द्रधनुष में अंतर (पूर्ण विवरण)

इन्द्रधनुष (RAINBOW)

इन्द्रधनुष कैसे बनता है ? प्राकृतिक वर्ण-विक्षेपण का अद्भुत उदाहरण

🌈 परिभाषा (Definition)

वर्षा के समय या वर्षा के बाद यदि प्रेक्षक की पीठ सूर्य की ओर हो, तो कभी-कभी सूर्य की विपरीत दिशा में चाप (Arc) की भाँति सौर-स्पेक्ट्रम दिखाई देता है, इसे ही इन्द्रधनुष कहते हैं। यह जल की बूंदों द्वारा सूर्य की किरणों के अपवर्तन, वर्ण-विक्षेपण और पूर्ण आन्तरिक परावर्तन के कारण बनता है।

इन्द्रधनुष के प्रकार

(i) प्राथमिक इन्द्रधनुष (Primary)

  • निर्माण: जल की बूंदों द्वारा दो अपवर्तन तथा एक पूर्ण आन्तरिक परावर्तन।
  • रंग क्रम: लाल रंग बाहर (ऊपर) और बैंगनी रंग आन्तरिक किनारे पर।
  • कोण: लाल किरण 42° और बैंगनी 40° का कोण बनाती है।
  • चौड़ाई: इसकी कोणीय चौड़ाई 2° होती है।
  • यह द्वितीयक की तुलना में अधिक चमकीला होता है।

प्राथमिक इंद्रधनुष का चित्र

(ii) द्वितीयक इन्द्रधनुष (Secondary)

  • निर्माण: जल की बूंदों द्वारा दो अपवर्तन तथा दो पूर्ण आन्तरिक परावर्तन।
  • रंग क्रम: बैंगनी रंग बाहर और लाल रंग आन्तरिक किनारे पर (प्राथमिक से उल्टा)।
  • कोण: बैंगनी 55° और लाल 52° का कोण बनाती है।
  • चौड़ाई: इसकी कोणीय चौड़ाई 3° होती है।
  • अधिक परावर्तन के कारण यह कुछ फीका दिखाई देता है।

द्वितीयक इंद्रधनुष का चित्र

📊 प्राथमिक एवं द्वितीयक इन्द्रधनुष में अन्तर

क्र. सं. विशेषता प्राथमिक इन्द्रधनुष द्वितीयक इन्द्रधनुष
1 बाहरी रंग लाल बैंगनी
2 तीव्रता अधिक तीव्र (चमकीला) फीका
3 कोणीय चौड़ाई कम (2°) अधिक (3°)
4 परावर्तन संख्या एक पूर्ण आन्तरिक परावर्तन दो पूर्ण आन्तरिक परावर्तन

✨ इन्द्रधनुष से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

  • अनिवार्य शर्तें: प्रेक्षक की पीठ सूर्य की ओर होनी चाहिए और सामने बादलों में वर्षा की बूंदें होनी चाहिए।
  • दोपहर का समय: मध्याह्न (12 बजे) में इन्द्रधनुष दिखाई नहीं देता, क्योंकि सूर्य प्रेक्षक के सिर के ऊपर होता है।
  • स्थिति: द्वितीयक इन्द्रधनुष हमेशा प्राथमिक इन्द्रधनुष के ऊपर स्थित होता है।
  • प्रकाश का मार्ग: प्राथमिक इन्द्रधनुष तब बनता है जब किरणें बूंद के केंद्र के ऊपर आपतित हों, जबकि द्वितीयक तब बनता है जब वे केंद्र के नीचे आपतित हों।

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🌑 अलेक्जेंडर का डार्क बैंड (Alexander’s Dark Band)

प्राथमिक और द्वितीयक इन्द्रधनुष के बीच के क्षेत्र को ‘अलेक्जेंडर का डार्क बैंड’ कहा जाता है। इस क्षेत्र में आकाश बाकी हिस्सों की तुलना में काफी गहरा (Dark) दिखाई देता है।

इसका कारण: प्राथमिक इन्द्रधनुष के ऊपर और द्वितीयक इन्द्रधनुष के नीचे वाले कोणों पर जल की बूंदों द्वारा कोई भी प्रकाश परावर्तित होकर प्रेक्षक की आँख तक नहीं पहुँचता, जिससे वह हिस्सा काला दिखाई देता है।

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इन्द्रधनुष क्विज़: क्या आप जानते हैं इन्द्रधनुष बनने के पीछे का असली विज्ञान?

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प्रश्न 1: इन्द्रधनुष बनने की घटना में प्रकाश की कौन-सी मुख्य क्रियाएँ शामिल होती हैं?

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प्रश्न 2: प्राथमिक इन्द्रधनुष (Primary Rainbow) में रंगों का क्रम बाहरी किनारे से अंदर की ओर क्या होता है?

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प्रश्न 3: द्वितीयक इन्द्रधनुष (Secondary Rainbow) के निर्माण के दौरान जल की बूंद के भीतर प्रकाश का कितनी बार 'पूर्ण आन्तरिक परावर्तन' होता है?

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प्रश्न 4: दोपहर के ठीक 12 बजे इन्द्रधनुष क्यों नहीं दिखाई देता?

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प्रश्न 5: द्वितीयक इन्द्रधनुष, प्राथमिक इन्द्रधनुष की तुलना में 'फीका' (Faint) क्यों दिखाई देता है?

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निष्कर्ष (Conclusion)

उम्मीद है कि यह विस्तृत लेख आपके लिए मददगार साबित हुआ होगा। हमने इस पोस्ट में थ्योरी, न्यूमेरिकल, और तार्किक प्रश्नों को गहराई से कवर किया है ताकि आपकी परीक्षा की तैयारी में कोई कमी न रहे।

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