द्रव्यमान-केन्द्र (Centre of Mass)
किसी निकाय का द्रव्यमान-केन्द्र वह बिन्दु होता है, जहाँ पर निकाय के समस्त द्रव्यमान को केन्द्रित माना जा सकता है।
किसी बाह्य बल का निकाय की गति पर वही प्रभाव पड़ता है, जो प्रभाव उसके द्रव्यमान-केन्द्र पर लगाने पर पड़ता है। अतः सम्पूर्ण निकाय की गति का अध्ययन करने की बजाय द्रव्यमान-केन्द्र की गति का अध्ययन करना ही पर्याप्त एवं सुविधाजनक होता है। द्रव्यमान-केन्द्र की संकल्पना से यांत्रिकी में कई प्रकार के प्रश्नों का हल सम्भव हो पाया है।
द्विकण निकाय का द्रव्यमान-केन्द्र (Centre of Mass of a Two Particle System)
दो कणों के समूह को जो एक-दूसरे के निकट होते हैं तथा एक-दूसरे पर प्रभाव डालते हैं, द्विकण निकाय कहते हैं।

मानलो द्विकण निकाय के $$m_1$$ और $$m_2$$ द्रव्यमान के दो कण क्रमशः A और B हैं। मूलबिन्दु O के सापेक्ष उनके स्थिति सदिश क्रमशः $$\vec{r}_1$$ तथा $$\vec{r}_2$$ हैं। तब उनके द्रव्यमान-केन्द्र C का स्थिति सदिश $$\vec{r}_{cm}$$ निम्न समीकरण द्वारा व्यक्त किया जाता है—
n कण निकाय का द्रव्यमान-केन्द्र (Centre of Mass of n Particle System)
चित्र के अनुसार माना कि कोई निकाय $$m_1, m_2, m_3, \dots, m_n$$ द्रव्यमान के n कणों के संयोग से बना है जिनके किसी क्षण t में स्थिति सदिश क्रमशः $$\vec{r}_1, \vec{r}_2, \vec{r}_3, \dots, \vec{r}_n$$ हैं, तो द्रव्यमान-केन्द्र $$c_m$$ की स्थिति सदिश—

$$\vec{r}_{cm} = \frac{\sum_{i=1}^{n} m_i \vec{r}_i}{\sum_{i=1}^{n} m_i} = \frac{\sum_{i=1}^{n} m_i \vec{r}_i}{M}$$
$$\vec{r}_{cm} = \frac{1}{M} \sum_{i=1}^{n} m_i \vec{r}_i \quad \dots(1)$$
यही n कण निकाय के द्रव्यमान-केन्द्र की स्थिति सदिश का सूत्र है, जहाँ M निकाय का सम्पूर्ण द्रव्यमान है। समीकरण (1) से यह स्पष्ट है कि द्रव्यमान-केन्द्र की स्थिति उसके कणों के द्रव्यों तथा उनकी आपेक्षिक स्थितियों पर निर्भर करती है उसे ज्ञात करने के लिये प्रयुक्त निर्देश तंत्र पर नहीं।
उदाहरण (Numerical Example):
HCl अणु में दोनों परमाणुओं के नाभिकों के बीच की दूरी 1.27Å है। अणु के द्रव्यमान-केन्द्र की स्थिति ज्ञात कीजिए। (क्लोरिन का परमाणु हाइड्रोजन परमाणु से 35.5 गुना भारी है।)
हल—
मानलो अणु X-अक्ष के अनुदिश है तो, HCl अणु का द्रव्यमान-केन्द्र Hतथा Cl परमाणु को मिलाने वाली रेखा पर ही स्थित होगा।
मानलो H परमाणु मूलबिन्दु $$x_1 = 0$$ पर स्थित है।
यदि H तथा Cl परमाणु के द्रव्यमान क्रमशः $$m_1$$ व $$m_2$$ हों, तो दिया है: $$m_2 = 35.5 m_1$$, $$x_1 = 0$$ तथा $$x_2 = 1.27\text{ Å}$$
$$X_{cm} = \frac{m_1 \times 0 + 35.5 m_1 \times 1.27\text{ Å}}{m_1 + 35.5 m_1}$$ $$= \frac{35.5 \times 1.27\text{ Å}}{36.5} = 1.235\text{ Å}$$
अतः HCl अणु का द्रव्यमान-केन्द्र H और Cl परमाणुओं के मध्य H परमाणु से $$1.235\text{ Å}$$ की दूरी पर होगा। उत्तर
द्रव्यमान केन्द्र (Centre of Mass in Physics)
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द्रव्यमान केन्द्र (Centre of Mass in Physics)
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