समायोजन एवं प्रेरणा (Adjustment & Motivation)
शिक्षा मनोविज्ञान में समायोजन (Adjustment) और प्रेरणा / अभिप्रेरणा (Motivation) दो ऐसे स्तंभ हैं जो किसी भी बालक के अधिगम और व्यक्तित्व विकास की दिशा तय करते हैं। एक शिक्षक के रूप में यह समझना आवश्यक है कि बालक अपने वातावरण के साथ कैसे तालमेल बैठाता है और उसे सीखने के लिए कैसे प्रेरित किया जाता है।
1. समायोजन की अवधारणा एवं रक्षात्मक युक्तियां (Adjustment & Defense Mechanisms)
समायोजन (Adjustment): यह एक ऐसी निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं और वातावरण की परिस्थितियों के बीच संतुलन बनाए रखता है। जब यह संतुलन बिगड़ जाता है, तो व्यक्ति कुसमायोजन (Maladjustment) का शिकार हो जाता है।
⚠️ कुसमायोजन के मुख्य कारण (Causes of Maladjustment):
- तनाव (Stress): अत्यधिक मानसिक दबाव का होना।
- कुंठा / निराशा (Frustration): लक्ष्य प्राप्ति में रुकावट आने पर उत्पन्न मानसिक स्थिति।
- द्वंद्व / संघर्ष (Conflict): दो विपरीत इच्छाओं या विकल्पों में से एक का चयन करने में असमंजस।
- चिंता (Anxiety): अवांछित भविष्य का काल्पनिक भय।
अहम रक्षात्मक युक्तियों का चरणबद्ध विवरण (Defense Mechanisms):
अहम रक्षात्मक युक्तियां ( Ego Defense Mechanisms ) अचेतन रूप से काम करती हैं जो व्यक्ति को तनाव और चिंता से बचाती हैं:
- औचित्य स्थापन / युक्तीकरण (Rationalization): जब व्यक्ति अपनी असफलता का दोष किसी अन्य बहाने या झूठे कारण पर डाल देता है।
उदाहरण: परीक्षा में कम अंक आने पर यह कहना कि “शिक्षक ने कॉपियां सही से नहीं जांची” या “अंगूर खट्टे हैं”। - प्रक्षेपण (Projection): अपनी कमियों, गलतियों या अवांछित भावनाओं को दूसरों पर मढ़ देना।
उदाहरण: खुद पढ़ाई न करके यह कहना कि “साथी छात्र पढ़ने नहीं देते” या नाच न जाने आंगन टेढ़ा। - उदात्तीकरण / शोधन (Sublimation): अपनी असामाजिक या अनैतिक इच्छाओं को समाज द्वारा स्वीकृत रचनात्मक कार्यों में मोड़ देना।
उदाहरण: अत्यधिक क्रोधी स्वभाव वाले व्यक्ति का मुक्केबाज (Boxer) या खिलाड़ी बन जाना। - दमन (Repression): दुखद, अनैतिक या तनावपूर्ण यादों और इच्छाओं को चेतना से जबरदस्ती अचेतन मन (Unconscious Mind) में धकेल देना।
- शमन (Suppression): जानबूझकर या चेतन रूप से अपनी किसी इच्छा या समस्या को कुछ समय के लिए दबा देना।
- प्रतिक्रिया निर्माण (Reaction Formation): वास्तविक भावना के बिल्कुल विपरीत व्यवहार प्रदर्शित करना।
उदाहरण: मन में शत्रुता का भाव रखते हुए भी बाहर से अत्यधिक मीठा बोलना (मुंह में राम बगल में छुरी)। - विस्थापन (Displacement): अपने क्रोध या आवेग को किसी शक्तिशाली व्यक्ति से हटाकर किसी निर्बल/कमजोर वस्तु या व्यक्ति पर निकालना।
उदाहरण: बॉस के डांटने पर घर आकर पत्नी या बच्चों पर गुस्सा निकालना।
2. प्रेरणा की अवधारणा एवं उसके प्रकार (Concept & Types of Motivation)
प्रेरणा (Motivation) लैटिन भाषा के शब्द ‘Motum’ या ‘Moveers’ से बना है, जिसका अर्थ होता है — ‘गति करना’ (To Move)। वुडवर्थ के अनुसार, “प्रेरणा व्यक्ति की वह आंतरिक दशा है जो उसे किसी कार्य को करने के लिए तत्पर करती है।”
💡 प्रेरणा के मुख्य प्रकार (Types of Motivation):
1. आंतरिक प्रेरणा (Intrinsic / Internal Motivation):
जब बालक किसी कार्य को अपनी स्वयं की इच्छा, आनंद, आत्म-संतुष्टि या रुचि के लिए करता है, तो इसे आंतरिक या प्राथमिक प्रेरणा कहते हैं। यह सीखने के लिए सबसे स्थायी और सर्वोत्तम प्रेरणा मानी जाती है। (उदा. अपनी खुशी के लिए किताबें पढ़ना या चित्र बनाना)।
2. बाह्य प्रेरणा (Extrinsic / External Motivation):
जब बालक किसी कार्य को बाहरी दबाव, पुरस्कार, प्रशंसा, दंड या ग्रेड प्राप्त करने के लिए करता है, तो इसे बाह्य या द्वितीयक प्रेरणा कहते हैं। (उदा. पिता के डर से पढ़ना या ट्रॉफी जीतने के लिए दौड़ना)।
🔄 प्रेरणा चक्र के प्रमुख चरण (Motivational Cycle):
प्रेरणा चक्र के मुख्यतः 6 चरण होते हैं जो एक क्रम में चलते हैं:
- आवश्यकता (Need): शरीर में किसी चीज की कमी या अति होना (जैसे पानी की आवश्यकता)।
- चालक / अंतर्नोद (Drive): आवश्यकता से उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति जो कार्य करने पर मजबूर करती है (जैसे प्यास)।
- उद्द्वेलन / प्रोत्साहन (Arousal): आंतरिक उथल-पुथल होना जो लक्ष्य की ओर बढ़ाती है।
- लक्ष्य-निर्देशित व्यवहार (Goal-Directed Behavior): लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सही दिशा में प्रयास करना (पानी की तलाश करना)।
- लक्ष्य प्राप्ति (Goal Achievement): लक्ष्य तक पहुंच जाना (पानी पी लेना)।
- उद्द्वेलन में कमी (Reduction of Arousal): लक्ष्य प्राप्ति के बाद तनाव में कमी आना और संतुष्टि मिलना।
3. मास्लो का आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत (Maslow’s Hierarchy of Needs Theory)
मानवतावादी मनोवैज्ञानिक अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) ने 1954 में अपनी पुस्तक ‘Motivation and Personality’ में आवश्यकताओं का एक 5-स्तरीय पदानुक्रम पिरामिड प्रस्तुत किया था:
मास्लो की 5 आवश्यकताएं (निम्न स्तर से उच्च स्तर का सही क्रम):
- 1. शारीरिक आवश्यकताएं (Physiological Needs): जीवन जीने के लिए सबसे मूलभूत आवश्यकताएं — रोटी, कपड़ा, मकान, जल, नींद, वायु आदि। (यह सबसे निम्न स्तर है)।
- 2. सुरक्षा की आवश्यकताएं (Safety / Security Needs): शारीरिक सुरक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, संपत्ति और भविष्य की सुरक्षा।
- 3. सामाजिक / संबंधन आवश्यकताएं (Social / Belongingness Needs): प्रेम, स्नेह, मित्रता, परिवार और समाज द्वारा स्वीकार किए जाने की इच्छा।
- 4. सम्मान की आवश्यकता (Esteem Needs): पद, प्रतिष्ठा, आत्म-सम्मान, पहचान और स्वतंत्रता की आवश्यकता।
- 5. आत्म-सिद्धि की आवश्यकता (Self-Actualization Needs): अपने अंदर की छिपी क्षमता को पहचानकर चरम सीमा तक पहुंचना और अपनी क्षमताओं का पूरा उपयोग करना। (यह सर्वोच्च स्तर है)।
📌 विशेष ध्यान दें: प्रथम दो आवश्यकताएं (1 और 2) निम्न स्तरीय आवश्यकताएं कहलाती हैं तथा अंतिम तीन (3, 4 और 5) उच्च स्तरीय आवश्यकताएं कहलाती हैं।
4. कक्षा में प्रेरणा बढ़ाने हेतु शिक्षक की भूमिका (Classroom Implications)
- प्रशंसा एवं सकारात्मक पुनर्बलन: छात्रों के प्रयासों की प्रशंसा कर उन्हें आगे बढ़ने हेतु प्रेरित करना।
- रुचिकर शिक्षण विधियां: ऑडियो-विजुअल एड्स, खेल विधि और प्रयोगात्मक गतिविधियों का प्रयोग।
- सकारात्मक वातावरण: कक्षा में भयमुक्त और स्नेही माहौल बनाना ताकि बालक बिना झिझक सीख सकें।
- आंतरिक प्रेरणा को बढ़ावा देना: छात्रों में केवल अंक लाने के बजाय ज्ञान प्राप्त करने और समझने की इच्छा जागृत करना।
5. महत्वपूर्ण अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
Q1. जब कोई छात्र परीक्षा में असफल होने पर कहता है कि “प्रश्न पत्र आउट ऑफ सिलेबस था”, तो वह किस रक्षात्मक युक्ति का प्रयोग कर रहा है?
उत्तर: औचित्य स्थापन / युक्तीकरण (Rationalization)
Q2. मास्लो के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत में सबसे उच्चतम स्तर की आवश्यकता कौन सी है?
उत्तर: आत्म-सिद्धि की आवश्यकता (Self-Actualization Need)
Q3. अपनी अवांछित या असामाजिक इच्छाओं को समाज द्वारा स्वीकृत सकारात्मक कार्यों में बदलना क्या कहलाता है?
उत्तर: उदात्तीकरण / शोधन (Sublimation)
Q4. जब बालक केवल अपनी खुशी, आनंद और आंतरिक संतुष्टि के लिए कोई पुस्तक पढ़ता है, तो यह किस प्रकार की प्रेरणा है?
उत्तर: आंतरिक प्रेरणा (Intrinsic Motivation)
Q5. प्रेरणा चक्र (Motivational Cycle) का पहला चरण कौन सा है?
उत्तर: आवश्यकता (Need)
समायोजन और प्रेरणा
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समायोजन और प्रेरणा
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