एकसमान त्वरित सरल रेखीय गति के शुद्धगतिक समीकरण(Kinematic Equations of Motion)
गति के समीकरण Equations of Motion in Hindi – एकसमान त्वरण से गतिमान वस्तु के विस्थापन, प्रारम्भिक वेग, अंतिम वेग, त्वरण और समय इन पाँच राशियों में सम्बन्ध प्रदर्शित करने वाले तीन समीकरणों को एकसमान त्वरित सरल रेखीय गति के शुद्धगतिक समीकरण कहते हैं। ये निम्न हैं—
(ii) \( s = ut + \frac{1}{2}at^2 \)
(iii) \( v^2 = u^2 + 2as \)
जहाँ, \( s \) = विस्थापन, \( u \) = समय \( t = 0 \) पर प्रारम्भिक वेग, \( v \) = अंतिम वेग, \( a \) = त्वरण तथा \( t \) = समय है।
उपर्युक्त तीनों समीकरणों को गति के समीकरण (Equations of motion) भी कहते हैं तथा इन्हें निम्न प्रकार से भी प्रदर्शित करते हैं—
(ii) \( s = v_0t + \frac{1}{2}at^2 \) (गति का द्वितीय समीकरण)
(iii) \( v^2 = v_0^2 + 2ax \) (गति का तृतीय समीकरण)
जहाँ, \( v_0 \) = प्रारम्भिक वेग तथा \( x \) = विस्थापन है।
समीकरणों की स्थापना (Derivation of Equations)
1. गति का प्रथम समीकरण
मानलो कोई वस्तु एकसमान त्वरण \( a \) से गतिमान है। समय \( t = 0 \) पर उसका वेग \( u \) तथा समय \( t \) पर वेग \( v \) है। तब त्वरण की परिभाषा से,
\[ त्वरण (a) = \frac{v – u}{t – 0} \]
या,
\[ v – u = at \]
या,
प्रारम्भिक वेग \( u \) को \( v_0 \) से प्रतिस्थापित करने पर,
2. गति का द्वितीय समीकरण
मानलो कोई वस्तु एकसमान त्वरण (या नियत त्वरण) \( a \) से गतिमान है। समय \( t = 0 \) पर वस्तु का वेग \( u \) तथा स्थिति \( x_0 = 0 \) है। यदि समय \( t \) पर वेग \( v \) तथा स्थिति \( s \) हो तो औसत वेग:
\[ \bar{v} = \frac{v + u}{2} = \frac{1}{2}(v + u) \]
परन्तु गति के प्रथम समीकरण से हम जानते हैं कि, \( v = u + at \)
अतः औसत वेग के सूत्र में \( v \) का मान रखने पर:
\[ \bar{v} = \frac{1}{2}(u + at + u) \]
या,
\[ \bar{v} = u + \frac{1}{2}at \]
हम जानते हैं कि:
\[ कुल\ विस्थापन = औसत\ वेग \times समयान्तरल \]
\[ \therefore s = \bar{v} \times t = \left(u + \frac{1}{2}at\right)t \]
या,
विस्थापन \( s \) को \( x \) से तथा प्रारम्भिक वेग \( u \) को \( v_0 \) से प्रतिस्थापित करने पर,
3. गति का तृतीय समीकरण
गति के प्रथम समीकरण से,
\[ v = u + at \]
या,
\[ t = \frac{v – u}{a} ……(1) \]
अब गति के द्वितीय समीकरण से,
\[ s = ut + \frac{1}{2}at^2 \]
समीकरण (1) से \( t \) का मान द्वितीय समीकरण में रखने पर,
\[ s = u\left(\frac{v – u}{a}\right) + \frac{1}{2}a\left(\frac{v – u}{a}\right)^2 \]
\[ = \frac{uv – u^2}{a} + \frac{1}{2}a\left(\frac{v^2 – 2uv + u^2}{a^2}\right) \]
\[ = \frac{uv – u^2}{a} + \frac{v^2 – 2uv + u^2}{2a} \]
\[ = \frac{2uv – 2u^2 + v^2 – 2uv + u^2}{2a} \]
या,
\[ s = \frac{v^2 – u^2}{2a} \]
या,
\[ v^2 – u^2 = 2as \]
या,
यही गति का तृतीय समीकरण है। इसमें \( u \) को \( v_0 \) तथा \( s \) को \( x \) से प्रतिस्थापित करने पर,
नोट: गति के तीनों समीकरणों की व्युत्पत्ति करते समय हमने माना है कि समय \( t = 0 \) पर वस्तु की स्थिति \( x_0 = 0 \) है। किन्तु यदि समय \( t = 0 \) पर वस्तु की प्रारम्भिक स्थिति \( x_0 \) हो तो दूसरे और तीसरे समीकरणों में \( x \) को \( x – x_0 \) से प्रतिस्थापित करना पड़ेगा। इस स्थिति में गति के समीकरण निम्न होंगे—
- \( v = v_0 + at \)
- \( x = x_0 + v_0t + \frac{1}{2}at^2 \)
- \( v^2 = v_0^2 + 2a(x – x_0) \)
विशेष स्थितियाँ (Special Cases)
(A) यदि वस्तु में त्वरण के स्थान पर मंदन (Retardation) हो रहा हो:
तो \( a \) के स्थान पर \( -a \) लिखेंगे। इस स्थिति में गति के समीकरण होंगे—
- (i) \( v = u – at \)
- (ii) \( s = ut – \frac{1}{2}at^2 \)
- (iii) \( v^2 = u^2 – 2as \)
(B) यदि वस्तु विरामावस्था से चलना प्रारम्भ करे:
तो प्रारम्भिक वेग शून्य होगा अर्थात् \( u = 0 \) रखने पर गति के समीकरण होंगे—
- (i) \( v = at \)
- (ii) \( s = \frac{1}{2}at^2 \)
- (iii) \( v^2 = 2as \)
\( t \) वें सेकण्ड में चली गई दूरी के लिये व्यंजक (Expression for Distance Travelled in \( t^{th} \) Second)
\( t \) सेकण्ड में चली गई दूरी = \( ut + \frac{1}{2}at^2 \)
तथा \( (t – 1) \) सेकण्ड में चली गई दूरी = \( u(t – 1) + \frac{1}{2}a(t – 1)^2 \)
अतः, \( t \) वें सेकण्ड में चली गई दूरी = [\( t \) सेकण्ड में चली गई दूरी] \( – \) [\( (t – 1) \) सेकण्ड में चली गई दूरी]
\[ = \left[ut + \frac{1}{2}at^2\right] – \left[u(t – 1) + \frac{1}{2}a(t – 1)^2\right] \]
\[ = \left[ut + \frac{1}{2}at^2\right] – \left[ut – u + \frac{1}{2}at^2 – at + \frac{1}{2}a\right] \]
\[ = ut + \frac{1}{2}at^2 – ut + u – \frac{1}{2}at^2 + at – \frac{1}{2}a \]
\[ = u + at – \frac{1}{2}a \]
\[ x_t = u + \frac{1}{2}a(2t – 1) \]
या,
यही \( t \) वें सेकण्ड में चली गई दूरी का व्यंजक है।
गति के समीकरण Equations of Motion in Hindi
📝 गति के समीकरण: महत्वपूर्ण आंकिक प्रश्न
प्रश्न 1. एक कार विरामावस्था से चलना प्रारम्भ करती है और 5 सेकण्ड तक 2 मीटर/सेकण्ड² के एकसमान त्वरण से चलती है। कार द्वारा तय की गई दूरी और उसका अंतिम वेग ज्ञात कीजिए।
💡 हल:
दिया गया है:
- प्रारम्भिक वेग (\( u \)) = 0 (विरामावस्था के कारण)
- त्वरण (\( a \)) = \( 2 \text{ m/s}^2 \)
- समय (\( t \)) = \( 5 \text{ सेकण्ड} \)
(i) अंतिम वेग (\( v \)) के लिए (गति का प्रथम समीकरण):
\[ v = 0 + (2 \times 5) \]
\[ v = \mathbf{10 \text{ m/s}} \]
(ii) तय की गई दूरी (\( s \)) के लिए (गति का द्वितीय समीकरण):
\[ s = 0 \times 5 + \frac{1}{2} \times 2 \times (5)^2 \]
\[ s = 0 + 1 \times 25 \]
\[ s = \mathbf{25 \text{ मीटर}} \]
🎯 उत्तर: अंतिम वेग = 10 m/s, दूरी = 25 मीटर
प्रश्न 2. एक रेलगाड़ी 72 किमी/घण्टा की चाल से चल रही है। ब्रेक लगाए जाने पर वह 20 सेकण्ड में रुक जाती है। रेलगाड़ी का मंदन (Retardation) ज्ञात कीजिए।
💡 हल:
दिया गया है:
- प्रारम्भिक वेग (\( u \)) = \( 72 \text{ } किमी/घण्टा = 72 \times \frac{5}{18} = \mathbf{20 \text{ m/s}} \)
- अंतिम वेग (\( v \)) = 0 (रुक जाने के कारण)
- समय (\( t \)) = \( 20 \text{ सेकण्ड} \)
गति के प्रथम समीकरण से:
\[ 0 = 20 + a \times 20 \]
\[ -20 = 20a \]
\[ a = \frac{-20}{20} = \mathbf{-1 \text{ m/s}^2} \]
यहाँ ऋणात्मक चिन्ह (-) यह प्रदर्शित करता है कि गति में मंदन हो रहा है।
🎯 उत्तर: रेलगाड़ी का मंदन = 1 m/s²
प्रश्न 3. एक कण 4 मीटर/सेकण्ड के प्रारम्भिक वेग से एक सरल रेखा में गतिमान है। यदि इसका एकसमान त्वरण 2 मीटर/सेकण्ड² हो, तो 24 मीटर की दूरी तय करने के बाद इसका वेग क्या होगा?
💡 हल:
दिया गया है:
- प्रारम्भिक वेग (\( u \)) = \( 4 \text{ m/s} \)
- त्वरण (\( a \)) = \( 2 \text{ m/s}^2 \)
- विस्थापन/दूरी (\( s \)) = \( 24 \text{ मीटर} \)
गति के तृतीय समीकरण से (चूँकि समय नहीं दिया गया है):
\[ v^2 = (4)^2 + 2 \times 2 \times 24 \]
\[ v^2 = 16 + 96 \]
\[ v^2 = 112 \]
\[ v = \sqrt{112} = \mathbf{10.58 \text{ m/s}} \]
🎯 उत्तर: अंतिम वेग = 10.58 m/s
प्रश्न 4. विरामावस्था से गति प्रारम्भ करके एक पिण्ड नियत त्वरण से चलता है। यदि यह अपने गति के 5वें सेकण्ड में 18 मीटर की दूरी तय करता है, तो पिण्ड का त्वरण ज्ञात कीजिए।
💡 हल:
दिया गया है:
- प्रारम्भिक वेग (\( u \)) = 0 (विरामावस्था)
- समय (\( t \)) = \( 5\text{वाँ सेकण्ड} \)
- \( t \) वें सेकण्ड में चली गई दूरी (\( x_t \)) = \( 18 \text{ मीटर} \)
\( t \) वें सेकण्ड में तय की गई दूरी के सूत्र से:
\[ x_t = u + \frac{1}{2}a(2t – 1) \]मान रखने पर,
\[ 18 = 0 + \frac{1}{2}a(2 \times 5 – 1) \]
\[ 18 = \frac{1}{2}a(10 – 1) \]
\[ 18 = \frac{9}{2}a \]
\[ a = \frac{18 \times 2}{9} \]
\[ a = 2 \times 2 = \mathbf{4 \text{ m/s}^2} \]
🎯 उत्तर: पिण्ड का त्वरण = 4 m/s²
प्रश्न 5. एक कार 30 मीटर/सेकण्ड की चाल से चल रही है। ब्रेक लगाने पर कार रुकने से पहले 90 मीटर की दूरी तय करती है। यदि वही कार 60 मीटर/सेकण्ड की चाल से चल रही हो और उतना ही ब्रेक लगाया जाए (त्वरण नियत रहे), तो रुकने से पहले वह कितनी दूरी तय करेगी?
💡 हल:
गति के तृतीय समीकरण से: \( v^2 = u^2 + 2as \)
चूँकि ब्रेक लगाने पर कार अन्त में रुक जाती है, अतः अंतिम वेग \( v = 0 \) होगा। मंदन के कारण त्वरण ऋणात्मक (\( -a \)) होगा।
चूँकि दोनों स्थितियों में ब्रेक का बल (मंदन \( a \)) समान है, अतः रुकने की दूरी प्रारम्भिक वेग के वर्ग के समानुपाती होगी:
मान रखने पर:
- \( u_1 = 30 \text{ m/s}, \quad s_1 = 90 \text{ मीटर} \)
- \( u_2 = 60 \text{ m/s}, \quad s_2 = ? \)
\[ \frac{s_2}{90} = (2)^2 = 4 \]
\[ s_2 = 4 \times 90 = \mathbf{360 \text{ मीटर}} \]
🎯 उत्तर: कार रुकने से पहले 360 मीटर की दूरी तय करेगी
PGT Physics | Day 2 (Part 2) : गति के समीकरण (Equations of Motion)
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गति के समीकरण Equations of Motion in Hindi
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