प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण (Dispersion of Light)
प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण (Dispersion of Light)
भौतिक विज्ञान: प्रकाशिकी (Optics) के महत्वपूर्ण नोट्स
1. प्रस्तावना (Introduction)
प्रकृति में इंद्रधनुष का बनना एक अद्भुत घटना है। इसे सबसे पहले वैज्ञानिक सर आइजैक न्यूटन ने सन् 1666 में अपने प्रयोगों द्वारा प्रमाणित किया था। उन्होंने पाया कि जब सूर्य का श्वेत प्रकाश किसी संकीर्ण झिरी (narrow slit) से होकर एक कांच के प्रिज्म पर गिरता है, तो वह अपने सात अवयवी रंगों में विभाजित हो जाता है।
2. परिभाषा (Definition)
“जब श्वेत प्रकाश की किरण किसी पारदर्शी माध्यम (जैसे प्रिज्म) से होकर गुजरती है, तो वह अपने सात विभिन्न रंगों की किरणों में विभक्त हो जाती है। प्रकाश के अपने अवयवी रंगों में विभक्त होने की इस घटना को प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण (Dispersion of Light) कहते हैं।”
3. वर्णक्रम या स्पेक्ट्रम (Spectrum)
पर्दे पर प्राप्त सात रंगों की रंगीन पट्टी को स्पेक्ट्रम कहा जाता है। प्रिज्म के आधार की ओर से इन रंगों का क्रम निम्नलिखित होता है:

बैंगनी (Violet)
जामुनी (Indigo)
नीला (Blue)
हरा (Green)
पीला (Yellow)
नारंगी (Orange)
लाल (Red)
इसे संक्षेप में बै-जा-नी-ह-पी-ना-ला या अंग्रेजी में VIBGYOR कहा जाता है।
4. वर्ण-विक्षेपण का कारण (Cause of Dispersion)
वर्ण-विक्षेपण का मुख्य कारण यह है कि भिन्न-भिन्न रंगों के प्रकाश के लिए कांच (प्रिज्म के पदार्थ) का अपवर्तनांक (λ) अलग-अलग होता है।
- तरंगदैर्ध्य संबंध: लाल रंग का तरंगदैर्ध्य (λ) सबसे अधिक और बैंगनी का सबसे कम होता है।
- अपवर्तनांक: कोशी के सूत्र के अनुसार, तरंगदैर्ध्य बढ़ने पर अपवर्तनांक कम होता है। इसलिए लाल रंग के लिए μ न्यूनतम और बैंगनी के लिए अधिकतम होता है।
- विचलन कोण: सूत्र δ= (μ – 1)A के अनुसार, बैंगनी रंग की किरण सबसे अधिक झुकती है और लाल रंग की सबसे कम।
5. कोशी का नियम और विचलन सूत्र
अपवर्तनांक (μ) और प्रकाश के तरंगदैर्ध्य (λ) के बीच संबंध निम्नलिखित सूत्र से दिया जाता है:
$$ \mu = A + \frac{B}{\lambda^2} $$
(जहाँ A और B नियतांक हैं)
पतले प्रिज्म के लिए विचलन का सूत्र है:
$$ \delta = (\mu – 1) A $$
6. महत्वपूर्ण तथ्य और नोट (Key Notes)
- विचलन vs विक्षेपण: प्रकाश का विचलन प्रिज्म के दोनों पृष्ठों से होता है, जबकि वर्ण-विक्षेपण पहले पृष्ठ पर ही शुरू हो जाता है।
- एकवर्णी प्रकाश: यदि प्रिज्म पर एकवर्णी प्रकाश (जैसे केवल लेजर) डाला जाए, तो केवल विचलन होगा, वर्ण-विक्षेपण नहीं।
- खोखला प्रिज्म: खोखले प्रिज्म में वायु भरी होने के कारण अपवर्तक सतहें समांतर होती हैं, अतः इससे वर्ण-विक्षेपण प्राप्त नहीं होता।

- दृश्य स्पेक्ट्रम: जिस प्रकाश को हम देख सकते हैं, उसकी परास 3800Å से 7800Å तक होती है।
- निर्वात में विक्षेपण: निर्वात में सभी रंगों की चाल समान होने के कारण वर्ण-विक्षेपण नहीं होता।
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निष्कर्ष (Conclusion)
उम्मीद है कि **प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण** पर आधारित यह विस्तृत लेख आपके लिए मददगार साबित हुआ होगा। हमने इस पोस्ट में थ्योरी, न्यूमेरिकल, और तार्किक प्रश्नों को गहराई से कवर किया है ताकि आपकी परीक्षा की तैयारी में कोई कमी न रहे।
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NCERT
संदर्भ: कक्षा 12 भौतिक विज्ञान (भाग-2), अध्याय 9
विषय: किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
⚠️
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण:
याद रखें, लाल रंग का विचलन सबसे कम होता है क्योंकि इसकी तरंगदैर्ध्य ($\lambda$) सबसे अधिक होती है। इसके विपरीत, बैंगनी रंग का विचलन सबसे अधिक होता है।