Liquorice (मुलहठी) के फायदे: खांसी, हृदय रोग और सूजन का आयुर्वेदिक इलाज

Liquorice (मुलहठी): औषधीय गुणों से भरपूर आयुर्वेद का वरदान

मुलहठी (Liquorice) मुख्य रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में पाई जाने वाली एक अत्यंत प्रभावशाली बूटी है।

इसका पौधा लगभग तीन फुट लंबा होता है, जिस पर घने हरे पत्ते और करीब एक इंच लंबी फलियाँ आती हैं। मुलहठी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसकी जड़, छाल, बीज और पत्ते—सभी का उपयोग औषधि बनाने में किया जाता है।

खांसी रोगों की जानी-दुश्मन

आयुर्वेद में मुलहठी को खांसी का सबसे बड़ा शत्रु माना गया है। बाजार में मिलने वाली खांसी की अधिकांश गोलियों (Lozenges) में मुलहठी का सत ही मुख्य घटक के रूप में डाला जाता है। यह गले की खराश और फेफड़ों के संक्रमण को दूर करने में सहायक है।

मुलहठी के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ

  • मूत्र रोग और शूल: मूत्र मार्ग में जलन (दाह) होने पर मुलहठी की जड़ का रस सुबह खाली पेट पीना रामबाण इलाज है। वहीं, शूल या पेट दर्द के रोगियों को इसका चूर्ण काले नमक और अजवायन के साथ लेना चाहिए।
  • हृदय रोग और ब्लड प्रेशर: मुलहठी का चूर्ण हृदय रोगियों के लिए अत्यंत लाभकारी है। मात्र 1/10 ग्राम चूर्ण को शहद के साथ 40 दिनों तक नियमित लेने से हृदय रोग में आशाजनक सुधार होता है। यह रक्तचाप को संतुलित करने में भी मदद करता है।
  • शरीर की सूजन: यदि शरीर के किसी हिस्से में सूजन आ जाए, तो मुलहठी और काले तिल को दूध के साथ पीसकर लेप लगाने से बहुत जल्दी आराम मिलता है।

सेवन की सही मात्रा

औषधि के रूप में मुलहठी के चूर्ण की 1/10 ग्राम से 1/2 ग्राम तक की मात्रा पर्याप्त होती है। बच्चों को हमेशा आधी खुराक ही देनी चाहिए। अधिक लाभ के लिए इसे शहद या गुनगुने पानी के साथ लिया जा सकता है।

प्राकृतिक उपचार चुनें, मुलहठी के साथ स्वस्थ रहें!

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. Liquorice का हिंदी नाम क्या है?

Liquorice को हिंदी में ‘मुलहठी’ कहा जाता है।

2. क्या मुलहठी हृदय रोग में काम आती है?

जी हाँ, शहद के साथ मुलहठी के चूर्ण का 40 दिनों तक सेवन हृदय रोगों में बहुत लाभकारी माना गया है।

3. सूजन कम करने के लिए मुलहठी का लेप कैसे बनाएं?

मुलहठी और काले तिल को दूध में पीसकर प्रभावित स्थान पर लेप लगाने से सूजन कम हो जाती है।

4. खांसी में मुलहठी का उपयोग कैसे करें?

खांसी होने पर मुलहठी के टुकड़े को चूसना या इसके चूर्ण का सेवन करना सबसे प्रभावी होता है।

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