गतिमान आवेश पर चुम्बकीय बल: लॉरेंज बल (Lorentz Force)
लॉरेंज बल (Lorentz Force) -जब एक आवेश q, वेग v⃗ से चुम्बकीय क्षेत्र B⃗ में गति करता है, तो उस पर कार्य करने वाला बल F⃗ निम्नलिखित होता है:
लॉरेंज बल का परिमाण (Magnitude):
F = qvB sinθ
जहाँ θ, वेग v⃗ और चुम्बकीय क्षेत्र B⃗ के बीच का कोण है।
विशेष स्थितियाँ:
- यदि θ = 0° या 180°: आवेश समानांतर गति करेगा और बल F = 0 होगा।
- यदि θ = 90°: आवेश पर अधिकतम बल लगेगा, F = qvB (आवेश वृत्ताकार पथ पर घूमेगा)।
दिशा (Direction):
बल F⃗ की दिशा फ्लेमिंग के बाएं हाथ के नियम (Fleming’s Left Hand Rule) द्वारा ज्ञात की जाती है।

फ्लेमिंग का नियम: बाएं हाथ और दाएं हाथ का नियम
1. फ्लेमिंग का बाएं हाथ का नियम (Fleming’s Left-Hand Rule)
इसका उपयोग चुंबकीय बल (Magnetic Force) की दिशा ज्ञात करने के लिए किया जाता है जब कोई धारावाही तार चुंबकीय क्षेत्र में रखा हो।
- अंगूठा (Thumb): चालक पर लगने वाले बल (Force) की दिशा।
- तर्जनी (First Finger): चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field – B) की दिशा।
- मध्यमा (Middle Finger): विद्युत धारा (Current – I) की दिशा।
याद रखें: यह ‘मोटर’ (Motor) के सिद्धांत पर आधारित है।

2. फ्लेमिंग का दाएं हाथ का नियम (Fleming’s Right-Hand Rule)
इसका उपयोग प्रेरित धारा (Induced Current) की दिशा ज्ञात करने के लिए किया जाता है जब चालक गति कर रहा हो।
- अंगूठा (Thumb): चालक की गति (Motion) की दिशा।
- तर्जनी (First Finger): चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field – B) की दिशा।
- मध्यमा (Middle Finger): प्रेरित विद्युत धारा (Induced Current – I) की दिशा।
याद रखें: यह ‘जनरेटर’ (Generator) के सिद्धांत पर आधारित है।

फ्लेमिंग के नियमों का त्वरित सारांश (Quick Summary)
| नियम | क्या ज्ञात करते हैं? | मुख्य उपकरण |
|---|---|---|
| बायां हाथ (Left Hand) | चुंबकीय बल (F) की दिशा | विद्युत मोटर (Electric Motor) |
| दायां हाथ (Right Hand) | प्रेरित धारा (I) की दिशा | विद्युत जनरेटर (Electric Generator) |
* परीक्षा में भ्रम से बचने के लिए याद रखें: Motor = Left, Generator = Right
लॉरेंज बल और फ्लेमिंग के नियम: FAQ
1. लॉरेंज बल (Lorentz Force) क्या है?
जब कोई आवेशित कण किसी चुंबकीय क्षेत्र में गति करता है, तो उस पर लगने वाले बल को लॉरेंज बल कहते हैं। इसका सूत्र F = q(v × B) है।
2. फ्लेमिंग के बाएं हाथ के नियम का उपयोग कब किया जाता है?
इसका उपयोग चुंबकीय क्षेत्र में रखे धारावाही चालक पर लगने वाले बल की दिशा ज्ञात करने के लिए किया जाता है (जैसे विद्युत मोटर में)।
3. यदि आवेश चुंबकीय क्षेत्र के समानांतर गति करे, तो बल कितना होगा?
यदि आवेश क्षेत्र के समानांतर (0°) या प्रति-समानांतर (180°) गति करता है, तो बल शून्य होगा क्योंकि sin(0°) = 0 होता है।
4. दाएं हाथ और बाएं हाथ के नियम में मुख्य अंतर क्या है?
बाएं हाथ का नियम मोटर (बल की दिशा) के लिए है, जबकि दाएं हाथ का नियम जनरेटर (प्रेरित धारा की दिशा) के लिए है।
5. क्या चुंबकीय बल आवेश की गतिज ऊर्जा बदल सकता है?
नहीं, चुंबकीय बल हमेशा वेग की दिशा के लंबवत कार्य करता है, इसलिए यह कण की गति (चाल) या गतिज ऊर्जा में बदलाव नहीं करता, केवल दिशा बदलता है।
लॉरेंज बल (Lorentz Force) – अभ्यास प्रश्न (Numericals)
Q1. एक प्रोटॉन 2.0 × 10⁵ m/s के वेग से 0.5 T के चुंबकीय क्षेत्र में क्षेत्र के लंबवत प्रवेश करता है। प्रोटॉन पर कार्य करने वाले बल की गणना कीजिए। (e = 1.6 × 10⁻¹⁹ C)
Q2. एक इलेक्ट्रॉन 10⁶ m/s के वेग से चुंबकीय क्षेत्र में 30° के कोण पर प्रवेश करता है। यदि चुंबकीय क्षेत्र 0.2 T है, तो इलेक्ट्रॉन पर लगने वाला लॉरेंज बल ज्ञात कीजिए।
Q3. एक अल्फा कण (Alpha particle) 1.5 T के चुंबकीय क्षेत्र में 10⁴ m/s के वेग से गति कर रहा है। यदि बल 4.8 × 10⁻¹⁵ N है, तो वेग और चुंबकीय क्षेत्र के बीच का कोण क्या होगा?
Q4. क्या एक आवेशित कण चुंबकीय क्षेत्र में बिना बल का अनुभव किए गति कर सकता है? स्थिति स्पष्ट कीजिए और यदि वेग 10³ m/s है और क्षेत्र 0.1 T है, तो अधिकतम बल कितना होगा?
Q5. यदि एक आवेश q, चुंबकीय क्षेत्र B के समांतर (parallel) गति करता है, तो लॉरेंज बल का मान क्या होगा और क्यों?
लॉरेंज बल: हल सहित प्रश्न (Numerical Solutions)
उत्तर 1:
सूत्र: F = qvB sinθ, यहाँ θ = 90° (लंबवत प्रवेश)।
F = (1.6 × 10⁻¹⁹) × (2.0 × 10⁵) × 0.5 × sin(90°)
F = 1.6 × 10⁻¹⁴ N
उत्तर 2:
सूत्र: F = qvB sinθ, यहाँ θ = 30°。
F = (1.6 × 10⁻¹⁹) × 10⁶ × 0.2 × sin(30°)
F = 1.6 × 10⁻¹⁹ × 10⁶ × 0.2 × 0.5
F = 1.6 × 10⁻¹⁴ N
उत्तर 3:
अल्फा कण पर आवेश q = 2e = 3.2 × 10⁻¹⁹ C
sinθ = F / (qvB) = 4.8 × 10⁻¹⁵ / (3.2 × 10⁻¹⁹ × 10⁴ × 1.5) = 1
θ = 90°
उत्तर 4:
हाँ, यदि आवेश चुंबकीय क्षेत्र के समांतर (θ=0°) गति करे।
अधिकतम बल (θ=90°) F = qvB = (1.6 × 10⁻¹⁹) × 10³ × 0.1
F = 1.6 × 10⁻¹⁷ N
उत्तर 5:
जब θ = 0°, तो sin(0°) = 0 होता है, इसलिए लॉरेंज बल F = 0 होगा। आवेश पर कोई बल कार्य नहीं करेगा।
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